केजरीवाल ने भाजपा पर 'दो दिन में दिल्ली की बिजली व्यवस्था बर्बाद करने' का आरोप लगाया
नोमान देवेंद्र
- 10 Apr 2025, 08:01 PM
- Updated: 08:01 PM
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली सरकार पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ पार्टी पर शहर को फिर से बिजली कटौती के युग में धकेलने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने से स्थिति और खराब हो सकती है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ कल (नौ अप्रैल) दिल्ली में ‘पीक डिमांड’ (अधिकतम मांग) 5462 मेगावाट थी। केवल इतने में ही कल रात पूरी दिल्ली में कई जगहों पर कई कई घंटे बिजली नहीं आयी। पिछले साल ‘पीक डिमांड’ लगभग 8500 मेगावाट पहुंच गई थी। फिर भी हमारी सरकार के दौरान दिल्ली में कहीं बिजली कटौती नहीं की गई।”
उन्होंने कहा, “आने वाले हफ्तों में जब दिल्ली में गर्मी और बढ़ेगी और बिजली की मांग भी बढ़ेगी तो क्या होगा?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा बिजली संकट को भाजपा के 'कुशासन' का नतीजा बताया।
केजरीवाल ने कहा, “पिछले दस साल में हमने दिल्ली की बिजली व्यवस्था को बड़ी मुश्किल से ठीक किया था। कहते हैं किसी भी चीज को ठीक करने में बरसों लग जाते हैं लेकिन उसे खराब केवल दो दिनों में ही कर दिया जाता है।”
‘आप’ नेताओं ने भी भाजपा पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया और दावा किया कि एक दशक से अधिक समय में सावधानीपूर्वक तैयार किया गया राजधानी का बिजली ढांचा कुछ ही दिनों में बर्बाद हो गया।
‘आप’ ने कहा कि बुधवार रात अपेक्षाकृत मध्यम मांग के बावजूद पूरे शहर में व्यापक पैमाने पर बिजली कटौती देखी गई।
पार्टी ने एक बयान में कहा, "‘आप’ सरकार के कार्यकाल में ऐसा कभी नहीं हुआ था, जबकि पिछले साल मांग 8,500 मेगावाट से अधिक हो गई थी। भाजपा ने दिल्ली को फिर से बिजली कटौती के दिनों में धकेल दिया है।"
इस बार गर्मी के मौसम में शहर की बिजली की अधिकतम मांग 9,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि उन्हें रातभर शहर भर से सैकड़ों शिकायतें मिलीं।
आतिशी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "पूरी दिल्ली में लोगों ने बिना बिजली के रात बिताई। दिल्ली में लोग परेशान हैं, जबकि भाजपा की दिल्ली सरकार सो रही है।"
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने पहले कहा था कि शहर में बिजली कटौती "नियमित रखरखाव" कार्यो के कारण हुई थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहर आगामी गर्मियों के लिए तैयार रहे।
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार को आए 40 दिन हुए हैं, फिर भी वे दावा करते हैं कि हमने एक ऐसी व्यवस्था को बाधित कर दिया है जो पिछले 10 सालों से एकदम सही थी। बिजली का कोई संकट नहीं है।’’
‘आप’ ने दिल्ली सरकार के "रखरखाव कार्य" संबंधी स्पष्टीकरण को एक ढकोसला बताकर खारिज कर दिया।
आतिशी ने कहा, "दिल्लीवासी खुद ही शहरभर से वीडियो और शिकायतें पोस्ट करके इस झूठ को उजागर कर रहे हैं।"
भाषा नोमान