माकपा महासचिव ने विपक्षी गठबंधन में मतभेदों को स्वीकार किया, समस्याओं को दूर करने की उम्मीद जताई
आशीष नरेश
- 06 Apr 2025, 09:58 PM
- Updated: 09:58 PM
मदुरै (तमिलनाडु), छह अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नवनिर्वाचित महासचिव एम. ए. बेबी ने रविवार को स्वीकार किया कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में समस्याएं हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि समूह उन मतभेदों को दूर करने में सक्षम होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों पर बार-बार हमला करके एक व्यापक राजनीतिक गठजोड़ को सक्रिय करने में योगदान दे रहे हैं।
वर्ष 2012 से माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य वरिष्ठ नेता बेबी ने खुद को पार्टी का ‘‘आज्ञाकारी सिपाही’’ बताया। पोलित ब्यूरो पार्टी की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई है।
पार्टी के शीर्ष पद पर चुने जाने के ठीक बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि और भी योग्य उम्मीदवार थे।
केरल के पूर्व मंत्री ने स्वीकार किया कि पार्टी की ताकत में गिरावट आई है और कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए माकपा के हर सदस्य को एक साथ आने की जरूरत है।
विपक्षी समूह ‘इंडिया’ के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ वामपंथी नेता ने कांग्रेस को गठबंधन का सबसे महत्वपूर्ण घटक बताया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पता नहीं, केरल में कांग्रेस माकपा को निशाना बनाने के लिए भाजपा के साथ प्रतिस्पर्धा क्यों कर रही है।’’
बेबी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘यह रिकॉर्ड में है कि पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान विपक्ष के नेता ने कुछ जनसभाओं में पूछा था कि (केरल के मुख्यमंत्री) पिनराई विजयन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है? विपक्ष के नेता को विपक्ष में समग्र राजनीतिक गठबंधन के नेता के रूप में जिम्मेदार तरीके से अपना आचरण करना चाहिए।’’
पिछले साल लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल किया था कि केंद्रीय एजेंसियां विजयन की जांच क्यों नहीं कर रही हैं।
कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) राज्य में सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) का मुख्य प्रतिद्वंद्वी है। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने भी कई बार विजयन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने हाल में विजयन की बेटी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर इस्तीफे की मांग की थी।
बेबी ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनावों के बाद से ‘इंडिया’ की बैठकें नहीं हुई हैं। कुछ समस्याएं हैं।’’ हालांकि, उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि समूह उन मतभेदों को दूर करने में सक्षम होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार और मोदी के नेतृत्व वाली सरकार गैर-राजनीतिक ताकतों के खिलाफ भी सुनियोजित रूप से हमले कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, फिल्म निर्माताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हम सभी जानते हैं कि फिल्म ‘एम्पुरान’ के संबंध में क्या हो रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, नरेन्द्र मोदी एक व्यापक राजनीतिक गठजोड़ को सक्रिय करने में योगदान दे रहे हैं। यदि वे विपक्षी दलों, लेखकों आदि पर हमला करते रहेंगे, तो उनके पास एक साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।’’
पृथ्वीराज सुकुमारन द्वारा निर्देशित और मोहनलाल अभिनीत ‘‘एल2: एम्पुरान’’ दक्षिणपंथी राजनीति की आलोचना और 2002 के गुजरात दंगों के परोक्ष रूप से उल्लेख के कारण विवादों में घिर गई है।
ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के अध्यक्ष अशोक धवले को पीछे छोड़ते हुए माकपा के शीर्ष पद के लिए चुने गए बेबी ने यह भी कहा कि वह सभी पार्टी नेताओं और सदस्यों के साथ मिलकर काम करेंगे, तथा देश में वामपंथी दलों में सबसे बड़ी पार्टी माकपा अपनी स्वतंत्र ताकत बढ़ाने के अलावा वामपंथी एकता बनाने पर भी ध्यान देगी।
बेबी ने कहा, ‘‘चुनौतियां सिर्फ़ मेरे सामने ही नहीं हैं। पार्टी के 10 लाख सदस्य हैं और हर सदस्य समान रूप से महत्वपूर्ण है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभी पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्यों तथा लाखों शाखा सदस्यों की मदद से हम सामूहिक रूप से पार्टी कांग्रेस के निर्णयों को लागू करेंगे।’’
पार्टी की ताकत में गिरावट को स्वीकार करते हुए बेबी ने कहा कि उन्होंने माकपा को एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में मजबूत करने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी ताकत में कुछ कमी आई है जिसे हम छिपाना नहीं चाहते। जब हम वास्तविकता को स्वीकार करेंगे, वास्तविकता को पहचानेंगे और इस गिरावट का सामना क्यों कर रहे हैं, इसके कारणों की खोज करेंगे, तभी हम सुधार कर पाएंगे। हम न केवल पार्टी को मजबूत करने के लिए बल्कि वामपंथी एकता बनाने के लिए भी हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि वामपंथी एकता को मजबूत करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भाकपा (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
माकपा की 24वीं अखिल भारतीय पार्टी कांग्रेस में एक नयी केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो का चुनाव किया गया, जिसमें कई शीर्ष नेताओं ने आयु सीमा पार करने के कारण पद छोड़ दिया और नए चेहरों को शामिल किया गया।
रविवार को चुनी गई 84 सदस्यीय केंद्रीय समिति में 30 नए चेहरे शामिल हैं। केंद्रीय समिति ने 18 सदस्यीय पोलित ब्यूरो का चुनाव किया, जिसमें आठ नए सदस्य शामिल हैं।
भाषा आशीष