कनाडा 'भारत विरोधी चरमपंथी तत्वों' के खिलाफ कार्रवाई करे: विदेश मंत्रालय
माधव
- 07 May 2026, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कनाडा से आह्वान किया कि वह उसकी धरती से काम कर रहे ''भारत विरोधी चरमपंथी तत्वों'' के खिलाफ कार्रवाई करे।
भारत की यह अपील कनाडा की खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर आई है, जिसमें खालिस्तानी तत्वों द्वारा उत्पन्न राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे को उजागर किया गया है।
कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) द्वारा पिछले सप्ताह जारी की गई 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी चरमपंथियों की ''हिंसक उग्रवादी गतिविधियों'' में संलिप्तता कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ''भारत ने कनाडा सरकार से बार-बार आग्रह किया है कि वह अपनी धरती से संचालित होने वाले भारत विरोधी चरमपंथी तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। इसमें हिंसा का महिमामंडन, भारतीय नेताओं और राजनयिकों को धमकियां, पूजा स्थलों में तोड़फोड़ और तथाकथित 'जनमत संग्रह' के माध्यम से अलगाववाद को बढ़ावा देने के प्रयासों जैसे मुद्दों का समाधान करना शामिल है।''
जयसवाल ने यह टिप्पणी सीएसआईएस की रिपोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की।
उन्होंने कहा कि भारत ने चरमपंथी और अलगाववादी तत्वों द्वारा कनाडा को 'सुरक्षित पनाहगाह' के रूप में इस्तेमाल किए जाने के बारे में लगातार चिंता व्यक्त की है।
जायसवाल ने कहा, ''सीएसआईएस के आकलन में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी गतिविधि के समर्थकों की उपस्थिति को स्वीकार किया गया है और यह भी बताया गया है कि कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथी (सीबीकेई) समूह न केवल भारत बल्कि कनाडा की भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।''
प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि ऐसे तत्व ''लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और संस्थानों का दुरुपयोग करके उग्रवाद को बढ़ावा देते हैं और हिंसक गतिविधियों के लिए धन जुटाते हैं''।
सीएसआईएस की रिपोर्ट में भारत को चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान के साथ ''कनाडा के खिलाफ विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी के मुख्य सूत्रधारों '' में शामिल किया गया है। इस संबंध में पूछे गए जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस तरह के ''बेबुनियाद आरोपों'' को लगातार और स्पष्ट रूप से खारिज किया है।
उन्होंने कहा, ''इस मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट और सुसंगत रहा है। हम इस तरह के निराधार आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं।''
जायसवाल ने कहा, '' भारत एक ऐसा लोकतंत्र है जो अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करता है और अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है। अन्य देशों के मामलों में हस्तक्षेप करना हमारी नीति नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''हमारा मानना है कि इस तरह की किसी भी चिंता का समाधान स्थापित तंत्रों के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक या राजनीतिक बयानबाजी के माध्यम से।''
भाषा धीरज माधव
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