मुनंबम के लोग भाजपा की ‘‘विभाजनकारी रणनीति’’ को समझें: केरल के मंत्री
शोभना पवनेश
- 05 Apr 2025, 05:11 PM
- Updated: 05:11 PM
तिरुवनंतपुरम, पांच अप्रैल (भाषा) केरल के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री वी अब्दुरहीमन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एर्णाकुलम जिले के मुनंबम में मुसलमानों और ईसाइयों के बीच सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने का प्रयास करने का शनिवार को आरोप लगाया और लोगों से पार्टी की ‘‘विभाजनकारी रणनीति’’ को समझने का आग्रह किया।
एर्णाकुलम जिले के चेराई एवं मुनंबम गांवों के निवासियों ने आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड पंजीकृत विलेख और भूमि कर भुगतान रसीदें होने के बावजूद उनकी भूमि और संपत्तियों पर स्वामित्व का अवैध रूप से दावा कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि वक्फ विधेयक के हाल में पारित होने के संबंध में केंद्र की ओर से जो भी निर्णय आया है, उसका राज्य वक्फ बोर्ड पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने यहां मीडिया से कहा, ‘‘भाजपा ने मुनंबम में ईसाइयों और मुसलमानों को आपस में भिड़ाने और उन्हें शत्रु बनाने के लिए पूरी प्रयास किया है।’’
मंत्री ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया कि वे ‘‘समाज में विभाजन पैदा करने के जानबूझकर किए गए भाजपा के प्रयास को’’ समझें।
अब्दुरहीमन ने कहा कि नए वक्फ विधेयक और उसके बाद केंद्र द्वारा किए गए फैसलों से अल्पसंख्यक समुदाय के उपासना स्थलों, कब्रिस्तानों और मदरसों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) सरकार अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है।’’
केरल के मुनंबम में वक्फ के कथित दावे वाली भूमि से जुड़े विवादों का सामना कर रहे 50 लोग शुक्रवार को भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए थे।
इससे पहले, चंद्रशेखर के नेतृत्व में राजग के नेताओं ने शुक्रवार को मुनंबम निवासियों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके राजस्व अधिकार सुरक्षित होने तक भाजपा नीत राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) उनका समर्थन करेगा।
इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने मुनंबम मुद्दे में भाजपा के हस्तक्षेप की आलोचना की और आरोप लगाया कि पार्टी वहां ईसाई समुदाय को खुश करके राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने उन पर वहां दो धर्मों के बीच सांप्रदायिक संघर्ष पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
कोझिकोड में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दोहराया कि मुनंबम में भूमि विवाद और हाल ही में हुए वक्फ संशोधन के बीच कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया, "संशोधनों का उद्देश्य वक्फ पर सरकारी नियंत्रण लाना था। कुछ ने इसे मुनंबम मुद्दे से जोड़ने की कोशिश की।"
विपक्ष के नेता ने दावा किया कि मुनंबम मुद्दे को राज्य सरकार और राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा केवल 10 मिनट में सुलझाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि केरल के सभी मुस्लिम और ईसाई संगठनों ने मांग की है कि मुनंबम के लोगों को वहां से नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों के बीच कोई विवाद नहीं है।
भाषा शोभना