बैंकॉक में बिम्सटेक के दौरान यूनुस-मोदी की मुलाकात की ‘काफी संभावना’: बांग्लादेशी के अधिकारी
आशीष पवनेश
- 02 Apr 2025, 10:04 PM
- Updated: 10:04 PM
ढाका, दो अप्रैल (भाषा) बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच बैठक होने की ‘‘काफी संभावना’’ है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मोदी बृहस्पतिवार को दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड पहुंचेंगे। इस दौरान वह थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ वार्ता करेंगे और छठे बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
रोहिंग्या मुद्दे और अन्य प्राथमिकताओं के लिए मुख्य सलाहकार के प्रतिनिधि खलीलुर रहमान के हवाले से ‘ढाका ट्रिब्यून’ समाचार पत्र ने कहा है कि बांग्लादेश ने दोनों नेताओं के बीच बैठक का अनुरोध किया है और ‘‘हमारे पास आशावान बने रहने के लिए उचित आधार हैं।’’
खबर के मुताबिक, उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बैठक की ‘‘काफी संभावना’’ है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ ने भी एक अज्ञात सूत्र के हवाले से कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच वार्ता होगी।
नयी दिल्ली में सूत्रों ने बैठक की संभावना से इनकार नहीं किया।
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने और यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के आने के बाद से, हिंदुओं को निशाना बनाकर की जाने वाली हिंसा और कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों के उभार को लेकर भारत की चिंताओं के बीच दोनों देशों के संबंधों में गिरावट देखी गई है।
पिछले सप्ताह चीन की अपनी यात्रा के दौरान यूनुस ने बीजिंग से बांग्लादेश तक अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने का आग्रह किया था। उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिससे विवाद हो गया था।
यूनुस ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और यात्रा के दौरान बीजिंग के साथ नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यूनुस ने कहा था कि उनका देश महासागर (बंगाल की खाड़ी) का एकमात्र संरक्षक है क्योंकि भारत के पूर्वोत्तर राज्य चारों ओर से जमीन से घिरे हैं और उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे ‘‘बड़ी संभावनाएं’’ खुलेंगी और चीन को बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाना चाहिए।
यूनुस की टिप्पणियों पर भारत में विभिन्न दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने उनकी टिप्पणियों को "शर्मनाक" और "भड़काऊ" करार दिया।
रहमान ने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर मुख्य सलाहकार की टिप्पणी की गलत व्याख्या की गई।
रहमान ने ढाका में प्रेस वार्ता में एक सवाल पर कहा, ‘‘उन्होंने नेक इरादे से यह बयान दिया। अगर लोग इसकी अलग तरह से व्याख्या करेंगे तो हम इसे रोक नहीं सकते।’’
वर्ष 2018 में नेपाल के काठमांडू में चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की प्रत्यक्ष रूप से यह पहली बैठक होगी। पिछला शिखर सम्मेलन मार्च 2022 में कोलंबो में वीडियो कॉन्फ्रेंस प्रारूप में आयोजित किया गया था।
भाषा आशीष