तमिलनाडु सरकार ने बजट में रुपये के प्रतीक चिह्न की जगह तमिल अक्षर को शामिल किया
सुभाष माधव
- 13 Mar 2025, 04:46 PM
- Updated: 04:46 PM
चेन्नई, 13 मार्च (भाषा) तमिलनाडु में भाषा को लेकर विवाद के बीच, राज्य की द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट के लिए बृहस्पतिवार को जारी किये गए ‘लोगो’ में भारतीय रुपये के प्रतीक चिह्न की जगह एक तमिल अक्षर का उपयोग किया है।
बजट, शुक्रवार को राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।
राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश में विपक्षी भाजपा ने आलोचना की है, वहीं सत्तारूढ़ द्रमुक ने इस बात पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्या ऐसा कोई नियम है जो इस तरह के चित्रण पर रोक लगाता हो।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुक्रवार को राज्य विधानसभा में बजट पेश करने वाले हैं।
राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को जारी किये गए ‘लोगो’ में तमिल शब्द ‘रुबय’ का प्रथम अक्षर अंकित किया गया है। तमिल भाषा में भारतीय मुद्रा को ‘रुबय’ कहा जाता है।
‘लोगो’ में यह भी लिखा है कि ‘‘सभी के लिए सब कुछ’’, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शासन के समावेशी मॉडल के दावे का संकेत मिलता है।
राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने आलोचना की है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘द्रमुक सरकार का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किये गए रुपये के उस प्रतीक चिह्न को प्रतिस्थापित करता है, जिसे पूरे भारत द्वारा अपनाया गया और हमारी मुद्रा में शामिल किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तिरु उदय कुमार, जिन्होंने रुपये का प्रतीक चिह्ल डिजाइन किया था, द्रमुक के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं। आप कितनी मूर्खता करेंगे।’’
उन्होंने तमिलनाडु के वित्त वर्ष 2024-25 के बजट का ‘लोगो’ भी साझा किया, जिसमें भारतीय रुपये का प्रतीक चिह्न अंकित था।
वहीं, द्रमुक प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि कोई भी कानून ‘‘तमिल के इस अक्षर के उपयोग को नहीं रोकता है।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘फिर, इतना आक्रोश क्यों है।’’
भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं पार्टी की प्रदेश इकाई की पूर्व प्रमुख तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी द्रमुक की आलोचना की।
उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री (स्टालिन) और तमिलनाडु सरकार के रवैये से बहुत दुखी हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह ‘‘मूर्खता’’ है, जैसा कि अन्नामलाई ने भी कहा है। उन्होंने सवाल किया कि इतने लंबे समय के बाद यह बदलाव क्यों किया गया और क्या वे ‘‘अब तमिल बन गए हैं।’’
उन्होंने द्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘वे राष्ट्रीय अखंडता और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ हैं।’’
यह घटनाक्रम केंद्र और तमिलनाडु के बीच भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच हुआ है, जिसमें तमिलनाडु ने केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। हालांकि, केंद्र ने इस आरोप से इनकार किया है।
द्रमुक का कहना है कि केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति में त्रि-भाषा फार्मूले के कार्यान्वयन के माध्यम से तमिलनाडु पर हिंदी भाषा 'थोपना' चाहता है।
राज्य सरकार का कहना है कि वह त्रि-भाषा फार्मूले का पालन नहीं करेगी, बल्कि तमिल और अंग्रेजी की, अपनी दशकों पुरानी द्वि-भाषा नीति पर ही कायम रहेगी।
एक सरकारी पोर्टल के अनुसार, रुपये का प्रतीक चिह्न देवनागरी ‘र’ और रोमन लिपि के ‘आर’ अक्षर का मिश्रण है, जिसके शीर्ष पर दो समानांतर क्षैतिज पट्टियां हैं जो राष्ट्रीय ध्वज और गणित में उपयोग किये जाने वाले ‘बराबर’ के चिह्न का प्रतिनिधित्व करती हैं।
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