‘ड्यून: पार्ट टू’ को वीएफएक्स के लिए मिला ऑस्कर हमारी कंपनी और भारत के सामर्थ्य का प्रमाण: मल्होत्रा
वैभव माधव
- 03 Mar 2025, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
(अंजू त्रिवेदी)
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) इस साल ऑस्कर पुरस्कार समारोह से भारत का ऐसा जुड़ाव था जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
मुंबई स्थित डबल निगेटिव (डीएनईजी) कंपनी ने ‘ड्यून: पार्ट टू’ नामक फिल्म के लिए वीएफएक्स बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने दृश्य प्रभाव के लिए एकेडमी पुरस्कार जीता। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नमित मल्होत्रा ने कहा कि यह इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का एक और सबूत है।
ऑस्कर की घोषणा के तुरंत बाद मल्होत्रा ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सबसे ज्यादा दृश्य प्रभाव बनाने वाला देश भारत है। किसी भी बड़ी हॉलीवुड फिल्म में (वीएफएक्स पर) काम करने वाले भारतीयों की संख्या भारतीय फिल्मों में काम करने वाले ऐसे लोगों से ज्यादा है। यह एक अनोखी वास्तविकता है, जिसमें हम पहले से ही शामिल हैं।’’
पॉल लैम्बर्ट, स्टीफन जेम्स, राइस सालकॉम्ब और गर्ड नेफजर ने डेनिस विलेन्यूवे द्वारा निर्देशित फिल्म के लिए ऑस्कर जीता।
लैम्बर्ट ने अपने भाषण में वीएफएक्स निर्माताओं डीएनईजी और वाइली कंपनी को धन्यवाद दिया, जिन्होंने अराकिस की भूमि को वास्तविकता रूप प्रदान करने में मदद की जो एक काल्पनिक रेगिस्तानी क्षेत्र था।
मल्होत्रा की कंपनी ने इस श्रेणी में ‘एक्स मशीना’, ‘ब्लेड रनर 2049’, ‘फर्स्ट मैन’ और ‘टेनेट’ जैसे ऑस्कर विजेता फिल्मों के वीएफएक्स पर काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय फिल्में इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आगे बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कलाकार और हमारी क्षमताएं पहले से ही भारतीय फिल्म निर्माताओं द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वीएफएक्स की तुलना में आगे हैं... हमारे पास यहां पर्याप्त बड़ी दृश्य प्रभाव वाली परियोजनाएं नहीं हैं और हम अगले स्तर पर पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
मल्होत्रा को उम्मीद है कि जल्द ही ऐसा समय आएगा जब भारतीय दर्शक और फिल्म निर्माता ‘विजुअल इफेक्ट्स’ को अपनी कहानी और सोच का एक बड़ा हिस्सा बनाना शुरू करेंगे।
रविवार को ऑस्कर में लैम्बर्ट द्वारा डीएनईजी के प्रति सम्मान प्रकट किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, मल्होत्रा ने कहा कि वे और अन्य कलाकार बहुत पुराने हैं। मल्होत्रा ने कहा, ‘‘जब उन्हें ऑस्कर (‘ब्लेड रनर’ के लिए) मिला, तो वह डीएनईजी के प्रतिनिधि थे और उन्होंने हमारे साथ कुछ वर्षों तक काम किया और हमने ‘फर्स्ट मैन’ जैसी फिल्मों सहित कुछ अविश्वसनीय काम किए हैं... वे अपनी कल्पना और इन बहुत ही विविध प्रकार की परियोजनाओं को पूर्ण उच्च गुणवत्ता वाले परिणामों में निष्पादित करने की क्षमता के मामले में आश्चर्यचकित करते रहते हैं।’’
भाषा वैभव