बजट में पेयजल और स्वच्छता के लिए आवंटित किये गये 74,226 करोड़ रुपये
जितेंद्र धीरज
- 01 Feb 2025, 04:49 PM
- Updated: 04:49 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार ने बजट 2025-26 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 74,226 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिनमें से अधिकांश राशि ‘जल जीवन मिशन’ को दी गई है।
‘जल जीवन मिशन’ का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन प्रदान करना है।
वित्त वर्ष 2024-25 में यह राशि 29,916 करोड़ रुपये थी, जो अब काफी अधिक हो गयी है।
विभाग को किया गया यह आवंटन 2024-25 के लिए 29,916 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से काफी अधिक है।
हालांकि, 2024-25 के बजट में विभाग को 77,390.68 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे, जो इस बार की आवंटित राशि से ज्यादा थी।
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार विभाग को 25,276.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो संशोधित अनुमान 21,640.88 करोड़ रुपये अधिक है। नमामि गंगे मिशन-दो के तहत, नदी की सफाई और पुनरुद्धार के लिए 3,400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष 3,000 करोड़ रुपये थे।
केंद्र के प्रमुख कार्यक्रम जल जीवन मिशन (जेजेएम) को 67,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2024-25 में 22,694 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से कहीं ज्यादा हैं।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन प्रदान करना है।
नियमित और गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार आठवां बजट पेश करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत, 15 करोड़ परिवारों को नल से पीने योग्य पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो भारत की ग्रामीण आबादी का 80 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा, “लक्ष्य की 100 प्रतिशत प्राप्ति के लिए, मुझे कुल व्यय में वृद्धि के साथ 2028 तक इस मिशन के विस्तार की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।”
वित्त मंत्री ने कहा कि मिशन के तहत बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और जनभागीदारी योजना के माध्यम से गांवों में पाइप के जरिये जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “स्थायी और नागरिक-केंद्रित जल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ अलग-अलग समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।”
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को पिछले वर्ष के समान ही 7,192 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस मिशन का उद्देश्य खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) की स्थिति को बनाए रखना और गांवों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को लागू करना है।
इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के लिए 341.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह योजना सबसे कमजोर आदिवासी समुदायों को पानी और स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित है।
बजट में पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए 5,936 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश में पीने का पानी और सिंचाई सुविधाएं प्रदान करना है।
भाषा जितेंद्र