भारत, इंडोनेशिया ने रक्षा और व्यापार संबंधों को बढ़ाने का निर्णय लिया
आशीष रंजन
- 25 Jan 2025, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) भारत और इंडोनेशिया ने शनिवार को रक्षा विनिर्माण एवं आपूर्ति श्रृंखला में संयुक्त रूप से काम करने, द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने एवं समुद्री सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच व्यापक वार्ता के बाद स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, संस्कृति एवं डिजिटल स्पेस के क्षेत्रों में सहयोग के लिए कम से कम पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
मोदी ने मीडिया में जारी अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच मोदी ने कहा, “हम इस बात पर सहमत हैं कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद रोधी और कट्टरपंथ से मुक्ति के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने कहा कि वे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए सुबियांतो रविवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
भारत के साथ इंडोनेशिया की साझेदारी को "बेहद महत्वपूर्ण" करार देते हुए सुबियांतो ने कहा कि द्विपक्षीय आर्थिक भागीदारी में तेजी लाने के लिए उन्होंने अपने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोध और कट्टरपंथ से मुक्ति के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में मिलकर काम करने का भी निर्णय लिया। मोदी ने कहा, ‘‘इंडोनेशिया आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है।’’
मोदी ने कहा, "हम दोनों इस पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हमारी एक्ट ईस्ट नीति में आसियान की एकता और केंद्रीयता पर जोर दिया गया है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि "व्यापक चर्चा" का फोकस आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित था।
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ा है और पिछले वर्ष यह 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया। इसे और बढ़ाने के लिए हमने बाजार पहुंच और व्यापार क्षेत्र में विविधता लाने पर बात की है।"
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "रामायण और महाभारत से प्रेरित गाथाएं और 'बाली यात्रा' हमारे लोगों के बीच अनंत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का जीवंत प्रमाण हैं।"
मोदी ने कहा, "मुझे खुशी है कि इंडोनेशिया में बोरोबुदुर बौद्ध मंदिर के बाद अब हम प्रम्बानन हिंदू मंदिर के संरक्षण में भी योगदान देंगे।" वार्ता में भारतीय पक्ष ने इंडोनेशिया की ब्रिक्स सदस्यता का भी स्वागत किया।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने बातचीत को सार्थक बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष साझा हितों के कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
भाषा आशीष