वर्ष 2016 के बाद जीवाश्म ईंधन और सीमेंट से कार्बन उत्सर्जन के 80% हिस्से के लिए 57 उत्पादक जिम्मेदार
नेत्रपाल पवनेश
- 06 Apr 2024, 04:00 PM
- Updated: 04:00 PM
(मैथ्यू कार्ल इवेस, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय; बेलिंडा वेड और सफ़िरा रेकर, क्वींसलैंड विश्वविद्यालय)
क्वींसलैंड, छह अप्रैल (द कन्वरसेशन) थिंकटैंक इन्फ्लुएंसमैप द्वारा जारी एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात वर्षों में जीवाश्म ईंधन और सीमेंट से दुनिया में कार्बन उत्सर्जन के 80 प्रतिशत हिस्से के लिए सिर्फ 57 कंपनियां और देश जिम्मेदार हैं।
निष्कर्षों में कहा गया है कि 2015 में पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते के तहत निर्धारित शुद्ध शून्य लक्ष्य अभी तक जीवाश्म ईंधन उत्पादन पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाल पाए हैं।
रिपोर्ट में दुनिया के सबसे बड़े 122 तेल, गैस, कोयला और सीमेंट उत्पादकों से जीवाश्म ईंधन उत्पादन डेटा प्रदान करने के लिए ‘क्लाइमेट अकाउंटेबिलिटी इंस्टिट्यूट’ के रिचर्ड हीड द्वारा 2013 में स्थापित कार्बन मेजर्स डेटाबेस का उपयोग किया गया है।
इन्फ्लुएंसमैप रिपोर्ट इन उच्च उत्सर्जन वाले उद्योगों में उत्पादन की स्थिति की एक गंभीर, लेकिन जानकारीपरक कहानी बयां करती है। सीमेंट और जीवाश्म ईंधन का उत्पादन अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है, अधिकांश उत्सर्जन वृद्धि अपेक्षाकृत कम संख्या वाली बड़ी कंपनियों के कारण हुई है।
इन बड़ी जीवाश्म ईंधन कंपनियों की प्रगति की कमी का मतलब है कि अगर देशों को ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा करना है तो दुनिया को अब भी और अधिक कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।
कार्बन मेजर्स डेटाबेस इस बात पर प्रकाश डालता है कि उत्सर्जन कटौती पर प्रगति की कमी के लिए कंपनियों और देशों को जवाबदेह ठहराया जाना कितना महत्वपूर्ण है। कंपनियों को यह परिभाषित करने की आवश्यकता है कि पेरिस समझौते के लक्ष्यों के साथ सर्वोत्तम तरीके से कैसे तालमेल बिठाया जाए, और फिर उनकी प्रगति की निगरानी की जाए।
इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए, क्वींसलैंड, ऑक्सफोर्ड और प्रिंसटन विश्वविद्यालयों के अनुसंधानकर्ताओं की हमारी टीम ने एक रूपरेखा विकसित की है जो पेरिस-संरेखित मार्गों के विपरीत कंपनियों की प्रगति पर नज़र रखने के लिए सख्त विज्ञान-आधारित आवश्यकताओं का खाका तैयार करती है।
संबंधित एक अनुवर्ती अध्ययन में कार्बन मेजर्स डेटाबेस में इस ढांचे को लागू करके, हमारी टीम ने जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल के कई पेरिस-संरेखित वैश्विक परिदृश्यों के विपरीत 142 जीवाश्म ईंधन कंपनियों के लिए उत्पादन बजट संरेखित किया।
हमने "बीच के रास्ते" के भविष्य के परिदृश्य पर विचार किया, जिसमें व्यवसाय सामान्य रूप से चलता है। इसका उपयोग आमतौर पर निवेशकों द्वारा कंपनी के जलवायु जोखिमों का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। इस परिदृश्य में, हमने पाया कि 2014 और 2020 के बीच, कोयला, तेल और गैस कंपनियों ने अपनी बजट अनुमति से क्रमशः 64, 63 और 70 प्रतिशत अधिक उत्पादन किया। अधिक विवरण ‘आर यू पेरिस कंप्लाइंट’ वेबसाइट पर मिल सकता है।
पारदर्शिता महत्वपूर्ण है
सात साल की अवधि में तैयार इन्फ्लुएंसमैप रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि के लिए सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां जिम्मेदार हैं।
सौभाग्य से, निवेशक-स्वामित्व वाली कंपनियों के लिए अधिक पारदर्शिता उपलब्ध होगी। वैश्विक लेखांकन को मानकीकृत करने वाली एक गैर-लाभकारी संस्था ‘इंटरनेशनल फाइनेंशियल स्टैंडर्ड्स फाउंडेशन’ ने 2023 में नए जलवायु-संबंधित प्रकटीकरण मानक जारी किए।
इन्हें निवेशकों, राजनीतिक नेताओं और जनता को अधिक पारदर्शी एवं सुसंगत डेटा तक पहुंच प्रदान करनी चाहिए, जिससे कंपनियों के जलवायु प्रदर्शन या उसके अभाव का सटीक आकलन करना उनके लिए बहुत आसान हो जाएगा।
आने वाले वर्षों में इन्फ्लुएंसमैप द्वारा पहचानी गई 57 कंपनियों की जलवायु रिपोर्टिंग के बारे में जानना दिलचस्प होगा। उम्मीद है कि नए जलवायु-संबंधी प्रकटीकरण मानकों के साथ-साथ कार्बन मेजर्स डेटा जारी होने से बहुत बड़ा अंतर आएगा।
जीवाश्म ईंधन और सीमेंट उत्पादन तथा संबंधित उत्सर्जन की मात्रा निर्धारित करना एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन कंपनियों को भी कार्रवाई करने की जरूरत है।
(द कन्वरसेशन)
नेत्रपाल