आयुष्मान भारत के तहत 70 वर्ष, उससे अधिक आयु के छह करोड़ नागरिक लाए गए: नड्डा
आशीष दिलीप
- 18 Jan 2025, 07:57 PM
- Updated: 07:57 PM
(फाइल फोटो के साथ)
अहमदाबाद, 18 जनवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ नागरिक आ चुके हैं तथा यह बीमा कार्यक्रम अब भारत की 45 प्रतिशत आबादी को कवर करता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल अक्टूबर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य कवरेज को मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में हमने आयुष्मान भारत के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के छह करोड़ लोगों को जोड़ा है। अब, 62 करोड़ से अधिक लोग, या भारत की 45 प्रतिशत से अधिक आबादी, स्वास्थ्य बीमा में नहीं बल्कि पांच लाख रुपये की वार्षिक कवरेज वाली ‘स्वास्थ्य आश्वासन’ योजना के तहत कवर की गई है।’’
भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद में आयोजित ‘आईआईएम-ए हेल्थकेयर समिट 2025’ में उन्होंने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे 4.2 करोड़ से अधिक नागरिकों को लाभ हुआ है।
नड्डा ने कहा, ‘‘ये गरीब लोग हैं- रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, बस चालक, कंडक्टर, लिफ्टमैन, सुरक्षा गार्ड, नाई, मोची, जिन्होंने शायद कभी अपने स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में सोचा नहीं होगा।’’
उन्होंने कहा कि क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ अपनी लड़ाई में भारत ने मामलों की दर में 17.7 प्रतिशत की कमी (2015 में प्रति 1,00,000 जनसंख्या पर 237 से 2023 में प्रति 1,00,000 जनसंख्या पर 195 मामले तक) हासिल की है, जो वैश्विक गिरावट दर 8.3 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है और एआई व एक्स-रे उपकरणों के उपयोग के माध्यम से इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि जहां तक सस्ती दवाओं का सवाल है, भारत अमेरिका (थोक आपूर्ति का 46 प्रतिशत) और ब्रिटेन (मांग का 25 प्रतिशत) की मांगों को पूरा कर रहा है और भारत में निर्मित दवाएं अपनी प्रभावकारिता और लागत प्रभावशीलता के लिए जानी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 की स्वास्थ्य नीति को रोकथाम, संवर्धन, उपचारात्मक देखभाल, पुनर्वास और वृद्धावस्था देखभाल पर ध्यान केंद्रित करते हुए समग्र दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘2017 से पहले हम केवल तृतीयक, प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा के बारे में बात करते थे, लेकिन कभी समग्र स्वास्थ्य सेवा के बारे में नहीं सोचते थे। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में, हमारे पास 1.73 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जो निवारक और संवर्धक स्वास्थ्य सेवा के लिए जमीनी स्तर पर पहला संपर्क बिंदु है।’’
नड्डा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों की निगरानी करने वाली वेब आधारित प्रणाली ‘मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम’ (एमसीटीएस) ने टीकाकरण और अन्य कार्यक्रमों के बारे में 5 करोड़ से अधिक बच्चों और 3 करोड़ से अधिक माताओं की निगरानी की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 30 वर्ष की आयु के लोगों की जांच की सुविधा है ताकि उन्हें विभिन्न बीमारियों के प्रति उनकी संवेदनशीलता के बारे में पता चल सके।
भाषा आशीष