बीजद सरकार ने ओडिशा के लोगों को आयुष्मान भारत के लाभ से वंचित रखा: मुख्यमंत्री
खारी सुरेश
- 14 Jan 2025, 04:42 PM
- Updated: 04:42 PM
भुवनेश्वर, 14 जनवरी (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं करने के लिए पूर्ववर्ती नवीन पटनायक सरकार की आलोचना करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजद) सरकार ने अपने ‘‘लाभ’’ के लिए लोगों को इस योजना से वंचित रखा।
माझी आज सुबह नयी दिल्ली से यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। वह सोमवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन के लिए ओडिशा सरकार और केंद्र के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के कार्यक्रम में भाग लेने दिल्ली गए थे।
माझी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र ने 2018 में आयुष्मान भारत योजना को लागू किया था, लेकिन पूर्ववर्ती बीजद सरकार ने अपने निजी स्वार्थ के कारण इसे ओडिशा में लागू नहीं किया।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद इस योजना को लागू किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दल के रूप में भाजपा ने आयुष्मान भारत योजना के कार्यान्वयन की मांग की थी। हालांकि, तत्कालीन बीजद सरकार ने हमारी मांग को नजरअंदाज कर दिया। अंत में, लोगों ने बीजद को सत्ता से बाहर कर दिया और हमें ओडिशा में डबल इंजन सरकार बनाने के लिए चुना। हमारी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू किया है।’’
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित स्वास्थ्य योजना है। यह कुछ स्थितियों में अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति वर्ष प्रति पात्र परिवार को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा था, ‘‘वास्तव में एक यह विडंबना थी कि ओडिशा के मेरे बहनों और भाइयों को पूर्ववर्ती सरकार ने आयुष्मान भारत के लाभों से वंचित रखा। यह योजना सस्ती दरों पर उच्चतम गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगी।’’
माझी ने कहा कि बीजद सरकार की ‘बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना’ (बीएसकेवाई) को ‘गोपबंधु जन आरोग्य योजना’ (जीजेएवाई) से बदल दिया गया है और उनकी सरकार ने इसे आयुष्मान भारत योजना के साथ जोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से ओडिशा के 1.3 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे और अब वे बीएसकेवाई कार्यक्रम के तहत लगभग 900 अस्पतालों के बजाय लगभग 30,000 स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने के हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि इससे ओडिशा के उन लोगों को भी लाभ होगा, जो राज्य से बाहर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सत्तर वर्ष और उससे अधिक आयु के 23 लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा।’’
ओडिशा में आयुष्मान भारत योजना का कार्यान्वयन भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था।
माझी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एक स्वास्थ्य केंद्र) स्थापित करेगी, जहां एक सहायक नर्स और दाई (एएनएम), एक योग शिक्षक और एक स्वास्थ्यकर्मी की टीम काम करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार इन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए बजट में प्रावधान करेगी।
माझी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और जीजेएवाई कार्यक्रम के अभिसरण से पुरुषों को पांच लाख रुपये और महिलाओं को 10 लाख रुपये प्रति वर्ष का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की पहल ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (ओएमएफईडी) के लिए ‘काउ इंडक्शन’, ‘गिफ्टमिल्क’ और ‘मार्केट सपोर्ट’ की शुरुआत की।’’
माझी ने कहा कि राज्य सरकार ने 1975 और 1977 के बीच आपातकाल का विरोध करने के लिए जेल गए लोगों के लिए एक पेंशन योजना भी शुरू की है।
पेंशन योजना के प्रत्येक लाभार्थी को मुफ्त स्वास्थ्य उपचार के अलावा 20,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
माझी ने मकर संक्रांति के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।
भाषा
खारी