ट्रंप के खिलाफ जांच करने वाले विशेष अधिवक्ता ने कहा: मेरी टीम कानून के शासन के लिए खड़ी रही
एपी प्रशांत सुरेश
- 14 Jan 2025, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
वाशिंगटन, 14 जनवरी (एपी) विशेष अधिवक्ता जैक स्मिथ ने अपनी एक नई रिपोर्ट में कहा है कि 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनावों को पलटने के डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की जांच करने वाली उनकी टीम ने ‘कानून के शासन’ की हिफाजत की।
उन्होंने मंगलवार को जारी एक बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट में लिखा कि वह आपराधिक आरोप लगाने के अपने निर्णय पर पूरी तरह से अडिग हैं। उनका मानना है कि यदि मतदाता ट्रंप को व्हाइट हाउस में वापस नहीं भेजते तो उन्हें (निश्चित तौर पर) दोषी ठहराया जा सकता था।
रिपोर्ट में कहा गया, “ट्रंप के सभी आपराधिक प्रयासों का सार धोखा था- जानबूझकर चुनाव धोखाधड़ी के झूठे दावे- और सबूतों से पता चलता है कि ट्रंप ने इन झूठों का इस्तेमाल संघीय सरकार के कामकाज को बाधित करने के लिए एक हथियार के रूप में किया।”
इस रिपोर्ट में सत्ता में बने रहने के ट्रंप के प्रयासों के बारे में उनकी टीम के निष्कर्ष हैं। आगामी 20 जनवरी को ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापसी से महज कुछ दिन पहले जारी रिपोर्ट में 2020 में सत्ता में बने रहने के लिए ट्रंप द्वारा किए गए नाकाम प्रयासों को रेखांकित किया गया है। ट्रंप उस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन से हार गये थे।
ट्रंप की चुनावी जीत के कारण अभियोजन को बंद कर दिया गया है, इसलिए यह दस्तावेज अमेरिकी इतिहास के उस काले अध्याय में न्याय विभाग का अंतिम वृत्तांत होने की उम्मीद है, जिसने सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण को बाधित करने का खतरा पैदा कर दिया था।
न्याय विभाग ने मंगलवार को कांग्रेस को रिपोर्ट प्रेषित की।
इससे पहले एक न्यायाधीश ने इसे जारी करने पर रोक लगाने से मना कर दिया था। ट्रंप के चुनावी नतीजे पलटने के प्रयासों का अधिकतर ब्योरा पहले ही विदित है, लेकिन इस रिपोर्ट में पहली बार जांच के बारे में स्मिथ का विस्तृत आकलन शामिल किया गया है।
ट्रंप ने मंगलवार की सुबह अपने ‘ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म’ पर एक पोस्ट के साथ जवाब दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वह “पूरी तरह से निर्दोष” हैं। उन्होंने स्मिथ को “एक मूर्ख अभियोजक कहा, जो चुनाव से पहले अपने मामले की सुनवाई करवाने में असमर्थ था”।
ट्रंप ने कहा, “मतदाताओं ने फैसला सुना दिया है।”
ट्रंप पर अगस्त 2023 में चुनाव को पलटने के लिए काम करने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था, लेकिन अपील के कारण मामले में देरी हुई और अंततः रूढ़िवादी बहुमत वाले सुप्रीम कोर्ट द्वारा काफी हद तक मामला सीमित कर दिया गया, जिसने पहली बार माना कि पूर्व राष्ट्रपतियों को आधिकारिक कृत्यों के लिए आपराधिक अभियोजन से व्यापक छूट प्राप्त है।
स्मिथ की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस निर्णय से अनसुलझे कानूनी मुद्दे खुले रह गए, जिनके लिए मामले को आगे बढ़ाने के वास्ते संभवतः सर्वोच्च न्यायालय में एक बार फिर जाना पड़ता।
स्मिथ ने हालांकि अभियोग को बचाने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने नवंबर में इसे खारिज कर दिया, क्योंकि न्याय विभाग की लंबे समय से चली आ रही नीति के अनुसार वर्तमान राष्ट्रपति को संघीय अभियोजन का सामना नहीं करना पड़ता है।
एपी प्रशांत