भाजपा के सत्ता में आने के सात महीने बाद ओडिशा आयुष्मान भारत योजना में शामिल हुआ
आशीष माधव
- 13 Jan 2025, 08:11 PM
- Updated: 08:11 PM
भुवनेश्वर, 13 जनवरी (भाषा) ओडिशा सोमवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना में शामिल हो गया। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के सात महीने बाद यह योजना शुरू हुई है।
ओडिशा के पहले आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना को 33 राज्य या केंद्रशासित प्रदेश लागू कर चुके हैं।
ओडिशा के स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के लोगों को बधाई दी तथा इस योजना को न अपनाने के लिए पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजद) सरकार पर कटाक्ष किया।
मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यह वास्तव में एक विडंबना थी कि ओडिशा के मेरे बहनों और भाइयों को पिछली सरकार द्वारा आयुष्मान भारत के लाभ से वंचित रखा गया था। यह योजना सस्ती दर पर उच्चतम गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगी।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लाभ होगा।
ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने नयी दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस तरह ओडिशा यह योजना लागू करने वाला 34वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ओडिशा की पिछली सरकार से आयुष्मान भारत में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन तत्कालीन बीजद प्रशासन ने यह दावा करते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि उसकी अपनी चिकित्सा बीमा योजना, बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) बेहतर है।
ओडिशा में 24 वर्षों तक राज करने वाले बीजद को हराकर भाजपा जून 2024 में ओडिशा में सत्ता में आई।
माझी के नेतृत्व वाली सरकार ने बीएसकेवाई को गोपबंधु जन आरोग्य योजना (जीजेएवाई) से बदल दिया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने पूर्ववर्ती बीजद सरकार पर गरीबों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अंधकार दूर हो गया है और राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद ओडिशा आयुष्मान भारत योजना में शामिल हो गया है। पिछली बीजद सरकार ने केवल राजनीतिक कारणों और अहंकार के कारण केंद्र के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र ने बीजद सरकार से कई बार कहा कि राज्य के कई लोग देश के अन्य हिस्सों में काम करते हैं और उन्हें स्वास्थ्य बीमा सुविधाएं नहीं मिलती हैं। नड्डा ने कहा, ‘‘हम सहकारी संघवाद में विश्वास करते हैं, लेकिन तत्कालीन सरकार का अहंकार इसमें आड़े आ गया। आज हम उस बिंदु पर पहुंच गए जहां ओडिशा को भी इसमें शामिल किया गया। वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली को भी आयुष्मान भारत के तहत शामिल किया जाएगा।’’
आम आदमी पार्टी (आप) शासित दिल्ली में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में भी आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माझी ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम ओडिशा की लगभग 86 प्रतिशत आबादी की स्वास्थ्य स्थिति को बदल देगा। यह ऊपर से नीचे तक के दृष्टिकोण में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।’’
माझी ने कहा कि केंद्र ने 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी, लेकिन ओडिशा की तत्कालीन सरकार ने ‘राजनीतिक कारणों’ से इसे लागू नहीं किया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ स्थापित करेगा, जहां एक नर्स (एएनएम), एक योग प्रशिक्षक और एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की टीम काम करेगी।
उन्होंने कहा कि बाद में इस सुविधा को शहरी क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा और इसके लिए बजटीय प्रावधान किया जाएगा। माझी ने कहा कि राज्य आयुष्मान भारत योजना को जीजेएवाई के साथ मिलाकर लागू करेगा। इस योजना के तहत लाभार्थी को एक द्विभाषी स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाएगा, जिसमें प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का कवर दिया जाएगा, साथ ही महिला सदस्यों के लिए अतिरिक्त 5 लाख रुपये का कवर दिया जाएगा।
ओडिशा में करीब 1.03 करोड़ परिवारों को इस एकीकृत योजना का लाभ मिलेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आयुष्मान भारत योजना के लागू होने से 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 23.13 लाख से अधिक लोगों को चिकित्सा बीमा के तहत कवर किया जाएगा।
भाषा आशीष