जम्मू-कश्मीर: जेड-मोड़ सुरंग के उद्घाटन समारोह को देखने के लिए भीड़ उमड़ी
सुरेश माधव
- 13 Jan 2025, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
(जेहरा शफी)
सोनमर्ग (जम्मू-कश्मीर), 13 जनवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जेड-मोड़ सुरंग के उद्घाटन समारोह में सोमवार को स्थानीय लोगों की भीड़ शून्य से नीचे के तापमान की परवाह न करते हुए उमड़ पड़ी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिले में गगनगीर एवं सोनमर्ग के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का उद्घाटन सोमवार को किया।
दर्शकों की भीड़ आयोजन स्थल पर भोर होते ही इकट्ठा होने लगी। वे श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित सोनमर्ग हिल रिजॉर्ट को सभी मौसम में घूमने लायक बनाने की ‘ड्रीम’ परियोजना को पूरा होते देखना चाहते थे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और जितेंद्र सिंह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।
पिछले साल अक्टूबर में अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के गठन के बाद मोदी की यह पहली जम्मू-कश्मीर यात्रा थी।
आयोजन स्थल पर पहुंचने के तुरंत बाद मोदी ने हुड वाली ‘वाटरप्रूफ’ काली जैकेट पहनकर सुरंग का उद्घाटन किया, जिसका वहां मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट और जोरदार नारेबाजी के साथ स्वागत किया।
सोनमर्ग, कुल्लान, गगनगीर, गुंड और कंगन सहित कई गांवों से लोग कार्यक्रम स्थल पर आए थे।
जेड-मोड़ सुरंग का काम मई 2015 में शुरू हुआ था। इस परियोजना को पूरा होने में लगभग एक दशक लग गया, क्योंकि इस परियोजना को क्रियान्वित करने वाली प्रारंभिक रियायतग्राही कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज’ (आईएलएंडएफएस) ने वित्तीय तनाव के कारण 2018 में काम बंद कर दिया था।
इस परियोजना के लिए 2019 में फिर से निविदा निकाली गई और जनवरी 2020 में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी ‘एपीसीओ इंफ्राटेक’ को ठेका दिया गया।
कुल 2,716.90 करोड़ रुपये की इस परियोजना की आधारशिला अक्टूबर 2012 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान भूतल परिवहन मंत्री सी.पी. जोशी ने अपने तत्कालीन कैबिनेट सहयोगी फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में रखी थी।
शुरू में सुरंग के 2016-2017 तक पूरा होने की उम्मीद थी।
स्थानीय लोगों ने इस नई परियोजना को जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन उद्योग के लिए पथ-प्रदर्शक बताया।
कंगन निवासी हाजी वजीर मोहम्मद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें खुशी है कि इस सुरंग का उद्घाटन हमारे प्रधानमंत्री ने किया है। अब सोनमर्ग के साथ 12 महीने की कनेक्टिविटी होगी, जिससे पर्यटन क्षेत्र को काफी फायदा होगा। इस सुरंग से सभी को फायदा होगा।’’
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब मोदी इस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और ‘‘हम इसे लेकर बहुत खुश हैं’’।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले हम गगनगीर से सोनमर्ग तक पैदल जाते थे।’’
उनके पड़ोसी नूर अहमद कसाना ने भी जेड-मोड़ सुरंग के उद्घाटन पर अपनी खुशी जाहिर की। इसका नाम अब सोनमर्ग सुरंग रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह सुनकर उनकी खुशी तीन गुना बढ़ गई कि कोई और नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी खुद सुरंग का उद्घाटन करने जा रहे हैं।
कसाना ने कहा, ‘‘आप भीड़ देख सकते हैं। हम बहुत खुश हैं। हम पिछले दो दिनों से इस कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। हमने अपने घरों में जश्न मनाया।’’
सुरंग के उद्घाटन से ठीक पहले उन्होंने कहा, ‘‘हम इस हाड़ कंपकंपाती ठंड के मौसम में सुबह छह बजे से यहां हैं, बेसब्री से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस सुरंग का उद्घाटन देखने का इंतजार कर रहे हैं।’’
इस केंद्र शासित प्रदेश के तेजी से विकास के लिए मोदी की प्रशंसा करते हुए, स्लेज (बर्फ पर चलने वाली गाड़ी) के व्यवसाय से जुड़े कसाना ने कहा कि जेड-मोड़ सुरंग पर्यटन को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सुरंग यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा है। भारी बर्फबारी के कारण सोनमर्ग हर साल तीन से चार महीने तक कटा रहता था, लेकिन सुरंग के उद्घाटन से हमारे व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे हमें अपने परिवारों के लिए अधिक कमाने का अवसर मिलेगा।’’
समुद्र तल से 8,650 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग श्रीनगर और सोनमर्ग के बीच सभी मौसम की कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, भूस्खलन और हिमस्खलन मार्गों से इतर रास्ता प्रदान करेगी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लद्दाख क्षेत्र में सुरक्षित और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करेगी।
एक अन्य स्थानीय निवासी रियाज अहमद ने कहा कि वह सुबह-सुबह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और सुरंग के उद्घाटन के ऐतिहासिक पल का गवाह बना।
उन्होंने अपने चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान बिखेरते हुए कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं...यह जगह सर्दियों के दौरान छह महीने तक बर्फ से ढकी रहती थी और हम सोनमर्ग से कटे रहते थे, लेकिन अब यह (परिदृश्य) बदल जाएगा। यहां और अधिक पर्यटक आने वाले हैं। हम इस तोहफे के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं।’’
भाषा सुरेश