सेंसेक्स 1,048 अंक का गोता लगाकर 77,000 अंक से नीचे फिसला, निफ्टी 346 अंक टूटा
रमण अजय
- 13 Jan 2025, 05:32 PM
- Updated: 05:32 PM
मुंबई, 13 जनवरी (भाषा) वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला सोमवार को लगातार चौथे दिन जारी रहा। प्रमुख मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,048 अंक का गोता लगाकर 77,000 अंक के नीचे आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी में 345 अंक की गिरावट आई।
कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका में रोजगार के अच्छे आंकड़ों से वहां नीतिगत दर में जल्दी कटौती की उम्मीद कम हुई है। इसके अलावा रुपये में एक दिन में दो साल की सबसे बड़ी गिरावट तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी जारी रहने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,048.90 अंक यानी 1.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,330.01 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,129.19 अंक तक लुढ़क गया था।
बीएसई में 3,562 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 555 बढ़त में रहे। वहीं 131 के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। 508 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर रहे। वहीं 120 शेयर एक साल के उच्चतम स्तर पर रहे।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 345.55 अंक यानी 1.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,085.95 अंक पर बंद हुआ।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। इसका कारण अमेरिका में रोजगार के मजबूत आंकड़े हैं, जिससे 2025 में प्रमुख ब्याज दर में कम कटौती की आशंका है। इससे डॉलर मजबूत हुआ, बॉन्ड प्रतिफल बढ़ा और उभरते बाजार कम आकर्षक हुए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, उच्च मूल्यांकन के बीच हाल में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि में कमी और कंपनियों की कमाई हल्की होने से बाजार धारणा प्रभावित हुई।’’
सेंसेक्स के तीस शेयरों में से जोमैटो, करीब सात प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, सन फार्मा और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।
दूसरी तरफ, एक्सिस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंडसइंड बैंक के शेयर लाभ में रहे।
मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप 4.17 प्रतिशत नुकसान में रहा, जबकि छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप में 4.14 प्रतिशत की गिरावट आई।
बीएसई के सभी खंडवार सूचकांक नुकसान में रहे। सबसे ज्यादा 6.59 प्रतिशत का नुकसान रियल्टी क्षेत्र में आया। इसके अलावा, जन केंद्रित सेवा, बिजली, औद्योगिक जैसे अन्य सूचकांक भी नुकसान में रहे।
इस बीच, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मुख्य रूप से खाने का सामान सस्ता होने से खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में नरम होकर चार महीने के निचले स्तर 5.22 प्रतिशत पर आ गयी जबकि नवंबर में यह 5.48 प्रतिशत थी।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। जापान का बाजार अवकाश के कारण बंद था।
यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट रही। अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को नुकसान में रहा।
मेहता इक्विटीज लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, ‘‘अमेरिका, रूस के कच्चे तेल निर्यात पर पाबंदी लगा रहा है। इससे अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया अबतक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। इसके साथ घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई क्योंकि वैश्विक निवेशकों की पूंजी निकासी जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में चौतरफा बिकवाली हुई। छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में भी बड़े स्तर पर बिकवाली देखी गयी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे तेल के दाम में तेजी से देश में महंगाई बढ़ने को लेकर चिंता है। इससे आरबीआई की तरफ से नीतिगत दर में कटौती में देरी हो सकती है।’’
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 2,254.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस महीने अबतक भारतीय शेयर बाजारों से 22,194 करोड़ रुपये निकाले हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.43 प्रतिशत उछलकर 80.90 डॉलर प्रति बैरल रहा।
रुपये में एक दिन में लगभग दो साल की सबसे बड़ी गिरावट आई और यह डॉलर के मुकाबले 58 पैसे लुढ़क कर 86.62 (अस्थायी) के अबतक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र में तेजी तथा त्योहारों के दौरान मांग से देश का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में बीते साल नवंबर में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 241.30 अंक टूटा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 95 अंक की गिरावट आई थी।
भाषा रमण