महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा की जीत से शरद पवार की विश्वासघात की राजनीति का अंत हुआ: शाह
सुभाष सुरेश
- 12 Jan 2025, 07:36 PM
- Updated: 07:36 PM
शिरडी, 12 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि राकांपा (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने 1978 से महाराष्ट्र में विश्वासघात और छल-कपट की राजनीति की, जिसका अंत विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त जीत और स्थिर सरकार बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
शाह ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य-स्तरीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने पिछले साल के चुनाव में वंशवाद और विश्वासघात की राजनीति को खारिज करके शरद पवार और शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे को उनकी जगह दिखा दी।
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, राकांपा और शिवसेना के महायुति गठबंधन ने राज्य की 288 सीट में से 230 पर जीत दर्ज की। भाजपा 132 सीट के साथ पहले स्थान पर रही। विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) महज 46 सीट पर सिमट गई, इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उबाठा) को क्रमशः 10 और 20 सीट ही मिलीं।
शाह ने कहा, ‘‘शरद पवार ने 1978 में महाराष्ट्र में ‘दगा-फटका’ (छल-कपट) की राजनीति शुरू की, जिसे 2024 (चुनाव) में लोगों ने नकार दिया। इसी तरह वंशवाद की राजनीति और उद्धव ठाकरे के विश्वासघात को भी नकार दिया गया। जनता ने 2024 के चुनाव में पवार और उद्धव ठाकरे को उनकी जगह दिखा दी।’’
शाह ने कहा कि चुनाव ने महाराष्ट्र में अस्थिरता की राजनीति को भी समाप्त कर दिया, जो ‘‘1978 में शुरू हुई थी।’’ वर्ष 1978 में, शरद पवार, जिन्होंने बाद में राकांपा की स्थापना की, 40 विधायकों के साथ वसंतदादा पाटिल सरकार से बाहर निकल गए और मुख्यमंत्री बन गए।
शिवसेना (अविभाजित) और भाजपा ने 2019 का विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन तोड़ दिया। भाजपा ने इस कदम को लेकर बार-बार उनका मजाक उड़ाया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं को राज्य में पार्टी की भारी जीत का असली सूत्रधार बताते हुए शाह ने कहा, ‘‘आप पंचायत से लेकर संसद तक पार्टी की जीत के सूत्रधार हैं। आपको भाजपा को अजेय बनाना है, ताकि कोई फिर से उसे धोखा देने की हिम्मत न कर सके।’’
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने और बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों को शामिल करने को कहा।
शाह ने कहा कि शरद पवार ने मुख्यमंत्री का पद संभाला, कई सहकारी संस्थाओं का नेतृत्व किया और केंद्रीय कृषि मंत्री भी रहे, लेकिन वह किसानों की आत्महत्या को नहीं रोक सके।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल भाजपा ही यह (किसानों की आत्महत्या को रोकने का काम) कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।’’
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष से कहा कि वे भाजपा सरकार को अपने सभी आश्वासनों को पूरा करते हुए देखें और यह सवाल न करें कि यह कैसे किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की प्रगति के बिना भारत का विकास संभव नहीं है और राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार इसे पूरा करेगी।
महाराष्ट्र में भाजपा की जीत के दीर्घकालिक परिणाम होने का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत ने ‘इंडिया’ गठबंधन का आत्मविश्वास तोड़ दिया है।
दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच मतभेदों का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन का पतन शुरू हो गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा पांच फरवरी को होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव में आसानी से जीत हासिल करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना (उबाठा) महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अकेले चुनाव लड़ रही है, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दिल्ली विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ रही है। पश्चिम बंगाल और बिहार में विपक्षी गठबंधन के लिए हालात अच्छे नहीं हैं। आठ फरवरी को अपने पटाखे तैयार रखें, क्योंकि भाजपा दिल्ली जीतेगी।’’
भाषा सुभाष