तिरुपति मंदिर के बाहर बच्चे का शव ले जाते व्यक्ति का वीडियो पुराना, इसका भगदड़ से संबंध नहीं
दिलीप पवनेश
- 11 Jan 2025, 06:41 PM
- Updated: 06:41 PM
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 11 जनवरी (पीटीआई फैक्ट चेक) : सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति बच्चे के शव को अपने कंधे पर ले जाते हुए दिख रहा है। इस वीडियो को लेकर यूजर्स का दावा है कि यह आंध्र प्रदेश के तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में कुछ दिन पहले हुई भगदड़ के बाद का है जहां एंबुलेंस नहीं होने के कारण व्यक्ति इस तरह शव ले जाने को मजबूर हुआ।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में यह दावा फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो तिरुपति में आठ जनवरी को हुई भगदड़ का नहीं बल्कि अप्रैल, 2022 में हुई घटना का है। इसे हाल की घटना से जोड़कर गलत दावे के साथ साझा किया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने 9 जनवरी 2025 को वायरल वीडियो को साझा करते हुए लिखा, “तिरुपति हादसे में एक पिता ऐसा भी है जिसे एंबुलेंस भी नहीं मिल पाई है। अपने पुत्र को कंधों पर ले जा रहा है। यह इंसानियत के लिए शर्मनाक बात है।''
इस पोस्ट को अब तक एक हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है और कई यूजर्स इसे सच मानकर समान दावे के साथ इसे साझा कर रहे हैं।
दावे की सच्चाई जानने के लिए डेस्क ने वीडियो के 'की-फ्रेम्स' को गूगल लेंस के जरिये 'रिवर्स इमेज सर्च' किया। इस दौरान हमें टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट पर 26 अप्रैल 2022 प्रकाशित एक खबर मिली, जिसमें वायरल वीडियो का 'विजुअल' भी मौजूद था। इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला हाल फिलहाल का नहीं, बल्कि काफी पुराना है।
खबर में बताया गया कि यह मामला आंध्र प्रदेश के तिरुपति का है, जहां अप्रैल 2022 में आरयूआईए अस्पताल के एंबुलेंस चालकों ने कथित तौर पर एक पिता को अपने बेटे का शव मोटरसाइकिल पर ले जाने के लिए मजबूर किया। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने अस्पताल के वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी को निलंबित कर दिया था तथा अस्पताल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
उस समय एन चंद्रबाबू नायडू (अब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री) ने भी इस घटना पर दुख जताया था। उन्होंने 26 अप्रैल 2022 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर घटना का वीडियो साझा किया था और आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के प्रशासन की आलोचना की थी।
फैक्ट चेक डेस्क को आंध्र प्रदेश पुलिस के आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर वायरल वीडियो से जुड़ा स्पष्टीकरण मिला। पुलिस ने 9 जनवरी को वायरल दावे का खंडन करते हुए लिखा, ''तिरुपति भगदड़ के हालिया फुटेज के रूप में प्रसारित किए जा रहे पुराने वीडियो से सावधान रहें। यह वीडियो कल की दुर्घटना का नहीं बल्कि 2022 में तिरुपति में हुई एक घटना का है। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि गलत सूचना फैलाने से बचने के लिए शेयर करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें।''
पूरी फैक्ट चेक रिपोर्ट यहां पढ़ें : https://bit.ly/3DRcMh2
हमारी अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल वीडियो का तिरुपति में हुई हालिया भगदड़ से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो अप्रैल 2022 में तिरुपति में हुई एक घटना का है, जिसे हाल की घटना से जोड़कर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे की सच्चाई या सत्यापन के लिए पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क के व्हाट्सएप नंबर +91-8130503759 से संपर्क करें।
(पीटीआई फैक्ट चेक)
साजन
दिलीप