गांधी की विचारधारा, मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप काम करेंगे: पोरबंदर से भाजपा उम्मीदवार मांडविया
आशीष पवनेश
- 04 Apr 2024, 08:45 PM
- Updated: 08:45 PM
(पायल बनर्जी)
नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि पोरबंदर सीट से चुनाव लड़ने से उन्हें महात्मा गांधी की विचारधारा को अपनाने के साथ-साथ विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप काम करने में मदद मिलेगी।
मांडविया ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि वह पोरबंदर में प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और रंगाई उद्योगों को और बढ़ावा देंगे, जबकि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना और क्रूज पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करेंगे, जिनकी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मांडविया के पास रसायन और उर्वरक मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। दो बार राज्यसभा सदस्य रहने के बाद वह पहली बार गुजरात की पोरबंदर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।
अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर मांडविया ने कहा कि पोरबंदर के साथ उनका पुराना संबंध है, क्योंकि यह महात्मा गांधी का जन्मस्थान है और वह गांधी की विचारधारा के अनुयायी हैं।
मांडविया ने कहा, ‘‘महात्मा गांधी के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के दृष्टिकोण के अनुसार, उन्होंने कहा था कि उनका अंतिम लक्ष्य समाज के सभी वर्गों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करना है। महात्मा गांधी के दृष्टिकोण का अनुसरण करते हुए मैंने 2019 में गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर पोरबंदर में 150 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की थी। इसलिए मैं इस निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ा रहा हूं।’’
मांडविया ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को उनसे उम्मीदें हैं क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान राज्य में बहुत सारे विकास कार्य किए। उन्होंने कहा, ‘‘विकास प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता रही है और विकास की राजनीति उनके जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत रही है।’’
मांडविया ने कहा, ‘‘सड़क, पानी और बिजली पहले से ही वहां मौजूद है और तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ना वहां के लोगों के लिए एक प्रमुख व्यवसाय और आजीविका का स्रोत है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना और क्रूज पर्यटन को प्रोत्साहित करना इस क्षेत्र के लिए प्रमुख अवसरों में से एक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और रंगाई प्रमुख उद्योग हैं और मैं इन क्षेत्रों को और बढ़ावा देने के लिए लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करूंगा।’’
मांडविया ने अपने व्यस्त कार्यक्रम से कुछ समय निकालकर पिछले हफ्ते पोरबंदर के एक मैदान में स्थानीय निवासियों के साथ क्रिकेट खेला था।
मांडविया ने कहा कि भारत ने कोविड संकट के दौरान ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के अपने प्राचीन लोकाचार का प्रदर्शन किया, जिससे विश्व स्तर पर देश का मान बढ़ा और अन्य देशों को विश्वास मिला कि वह संकट के दौरान उनके साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से दुनिया को सबक मिला कि स्वास्थ्य का विषय किसी एक देश तक सीमित नहीं रह सकता और इसके लिए वैश्विक सहयोग और समन्वय की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘इसे ध्यान में रखते हुए, भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपने एजेंडे में अनुसंधान और नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता दी। जैसा कि हमने कोविड संकट के दौरान देखा था, भारत ने विकसित देशों सहित 150 से अधिक देशों को दवाओं से मदद की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘टीके बनाने वाले कुछ विकसित देश खुराक का भंडारण कर रहे थे, भारत दूसरों की मदद कर रहा था। परिणामस्वरूप, दुनिया अब भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती है।’’
भाषा आशीष