वाणिज्य मंत्रालय ने नवंबर के सोने के आयात आंकड़ों को पांच अरब डॉलर घटाया
प्रेम अजय
- 08 Jan 2025, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने नवंबर महीने के सोने के आयात के आंकड़े संशोधित करते हुए इन्हें पांच अरब डॉलर घटाकर 9.84 अरब डॉलर कर दिया है। ऐसा संभवतः आयात के दोहरे लेखांकन को दुरुस्त करने के लिए किया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत संचालित वाणिज्यिक आसूचना और सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएस) ने ये संशोधित आंकड़े जारी किए हैं। नवंबर महीने में सोने के आयात संबंधी आंकड़ों की नए सिरे से गणना के बाद यह संशोधन किया गया है।
इसके साथ अप्रैल, 2024 से सोने के आयात आंकड़ों में भी कटौती की गई है जिससे 2024-25 के पहले आठ महीनों में लगभग 11.7 अरब डॉलर का अतिरिक्त आयात सामने आया है।
पिछले महीने जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में देश का स्वर्ण आयात 14.86 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया, जो चार गुना वृद्धि दर्शाता है।
आयात में तेज उछाल ने व्यापार घाटे को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया था। देश का व्यापार घाटा नवंबर में रिकॉर्ड 37.84 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
सोने के आयात में असामान्य उछाल दर्शाने वाले आंकड़े सामने आने के बाद वाणिज्य मंत्रालय यह जांच कर रहा था कि इन आंकड़ों के संकलन या गणना में कोई गलती तो नहीं हुई थी। कोलकाता स्थित डीजीसीआईएस व्यापार सांख्यिकी और वाणिज्यिक सूचनाओं के संग्रह, संकलन और प्रसार के लिए काम करने वाला संगठन है।
डीजीसीआईएस की वेबसाइट पर जारी संशोधित आंकड़ों से अप्रैल-नवंबर, 2024 के दौरान आयात आंकड़ों में करीब 11.7 अरब डॉलर का फर्क नजर आता है।
पहले इस अवधि में सोने का आयात 49.08 अरब डॉलर रहने की बात कही गई थी जो संशोधित आंकड़ों में घटकर 37.38 अरब डॉलर रह गई है।
संशोधित आंकड़़ों के मुताबिक, सोने का आयात अप्रैल में 2.95 अरब डॉलर (पूर्व में 3.11 अरब डॉलर), मई में 2.91 अरब डॉलर (3.33 अरब डॉलर) और जून में 2.47 अरब डॉलर (3.06 अरब डॉलर) रहा था।
जुलाई में यह आंकड़ा 2.57 अरब डॉलर (3.13 अरब डॉलर), अगस्त में 8.64 अरब डॉलर (10.06 अरब डॉलर) और सितंबर में 3.3 अरब डॉलर था। अक्टूबर के महीने में सोना का आयात 4.67 अरब डॉलर (पूर्व में 7.12 अरब डॉलर) रहा था।
स्वर्ण आयात के आंकड़े संशोधित होने के बाद नवंबर महीने के लिए देश का व्यापार घाटा भी कम होकर 32.84 अरब डॉलर पर आ जाने की संभावना है।
इसके साथ चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों के लिए आयात और व्यापार घाटा आंकड़ों में भी संशोधन किया जाएगा।
इस संदर्भ में टिप्पणी के लिए वाणिज्य मंत्रालय को भेजे गए संदेश का कोई भी जवाब नहीं मिला है।
देश का स्वर्ण आयात वित्त वर्ष 2023-24 में 45.54 अरब डॉलर रहा था। देश के चालू खाते के घाटे (कैड) में स्वर्ण आयात की प्रमुख हिस्सेदारी होती है।
इससे पहले वर्ष 2011 में भी आंकड़ों में इसी तरह की विसंगति देखी गई थी। उस समय कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते निर्यात आंकड़ों को बढ़ाकर पेश किया गया था।
आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने सोने के आयात आंकड़ों में संशोधन पर कहा कि डीजीसीआईएस ने कोई व्याख्या दिए बगैर चुपचाप संशोधन कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस संशोधन के पीछे की वजह बतानी चाहिए।
भाषा प्रेम
प्रेम