हेमा मालिनी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर हरियाणा महिला आयोग ने सुरजेवाला को नोटिस जारी किया
प्रशांत पवनेश
- 04 Apr 2024, 10:03 PM
- Updated: 10:03 PM
चंडीगढ़, चार अप्रैल (भाषा) हरियाणा राज्य महिला आयोग ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ कथित “अशोभनीय” टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को नोटिस जारी किया।
आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा कि सुरजेवाला को नौ अप्रैल को आयोग के सामने पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
आयोग ने मीडिया में आई खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया और नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया है कि उनकी कथित अभद्र टिप्पणी से एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंची है।
भारतीय जनता पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें कांग्रेस महासचिव कथित तौर पर सत्तारूढ़ दल पर हमला करते हुए दो बार से मथुरा से सांसद हेमामालिनी के बारे में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। इस वीडियो की तारीख नहीं दी गई थी।
सुरजेवाला ने हालांकि बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और झूठ फैलाने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि उनका इरादा न तो हेमा मालिनी का अपमान करना था और न ही किसी को ठेस पहुंचाना।
भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला पर अभिनेता-नेता हेमा मालिनी के खिलाफ “घृणित” टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह दर्शाता है कि मुख्य विपक्षी दल महिला से द्वेष करने वाला है और महिलाओं से घृणा करता है।
सूत्रों ने कहा कि सुरजेवाला ने 31 मार्च को कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत कैथल जिले के फरल गांव में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के समर्थन में एक चुनावी रैली के दौरान कथित टिप्पणी की थी।
हरियाणा के पूर्व मंत्री अनिल विज ने सुरजेवाला की आलोचना करते हुए कहा,“यह महिलाओं के प्रति कांग्रेस के रवैये को दर्शाता है”। विज ने कहा, “कुछ ही दिन पहले एक अन्य कांग्रेस नेता ने (भाजपा नेता) कंगना रनौत के खिलाफ टिप्पणी की थी।”
हेमा मालिनी जहां उत्तर प्रदेश के मथुरा से भाजपा की लोकसभा चुनाव उम्मीदवार हैं, वहीं रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी से पार्टी की उम्मीदवार हैं।
पंजाब भाजपा नेता जय इंदर कौर ने भी सुरजेवाला की कथित टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की।
कौर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह स्पष्ट रूप से कांग्रेस और उसके नेताओं की लैंगिकवादी और अपमानजनक सोच को दर्शाता है। मैं एक निर्वाचित सांसद के लिए रणदीप सुरजेवाला की इस घृणित टिप्पणी की घोर निंदा करती हूं। आने वाले चुनाव में जनता इन्हें सबक जरूर सिखाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सुरजेवाला के बयान ने “देश भर में सभी महिलाओं की भावनाओं को आहत किया है”।
इस बीच, सुरजेवाला ने अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए भाजपा पर जवाबी हमला बोला।
बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा की आईटी सेल को काट-छांट, तोड़-मरोड़, फर्जी-झूठी बातें फैलाने की आदत पड़ गई है, ताकि वह हर रोज मोदी सरकार की “युवा-विरोधी, किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों’’ तथा विफलताओं एवं भारत के संविधान को खत्म करने की साजिश” से देश का ध्यान भटका सके।
सुरजेवाला ने कहा, “पूरा वीडियो सुनिए - मैंने कहा ‘हम तो हेमा मालिनी जी का भी बहुत सम्मान करते हैं, क्योंकि उनकी शादी धर्मेंद्र जी से हुई है, वह बहू हैं हमारी।”
उन्होंने आगे लिखा, “भाजपा के महिला-विरोधी प्यादों को ये वीडियो काटने का आदेश तो मिला, पर इन्हीं प्यादों ने प्रधानमंत्री से कभी यह नहीं पूछा कि उन्होंने हिमाचल में ‘50 करोड़ की गर्ल फ्रेंड’ क्यों कहा? संसद में एक महिला सदस्य को “शूर्पणखा” की संज्ञा क्यों दी? एक महिला मुख्यमंत्री को भद्दी तरह से ट्रोल क्यों किया? क्या “कांग्रेस की विधवा” कहना सही है? क्या कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को “जर्सी गाय” कहना सही है?”
सुरजेवाला ने कहा, “मेरा बयान केवल इतना था कि सार्वजनिक जीवन में सभी की जनता के प्रति जवाबदेही तय होनी चाहिए, चाहे वह नायब सैनी जी हों, या खट्टर जी या मैं खुद।”
उन्होंने आरोप लगाया, “सब अपने काम के दम पर बनते-बिगड़ते हैं, जनता सर्वोपरि है, और चुनाव में उसे अपने विवेक का इस्तेमाल करके चुनाव करना होता है। न तो मेरी मंशा हेमामालिनी जी के अपमान की थी और न ही किसी को आहत करने की...भाजपा खुद महिला-विरोधी है, इसीलिए वह हर कुछ महिला-विरोध के चश्मे से देखती-समझती है, और अपनी सहूलियत के अनुसार झूठ फैलाती है!”
भाषा प्रशांत