पीथमपुर में चार दिन बाद सामान्य स्थिति बहाल: पुलिस अधिकारी
सं दिमो सिम्मी
- 06 Jan 2025, 10:04 PM
- Updated: 10:04 PM
धार (मध्यप्रदेश), छह जनवरी (भाषा) पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े 337 टन खतरनाक अपशिष्ट के निपटान को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित धार जिले के पीथमपुर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय के फैसले से "बड़ी राहत" मिली है।
जिला मुख्यालय और राज्य के एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में शुक्रवार और शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान दो लोगों ने आत्मदाह का प्रयास किया, निवासियों ने धरना दिया और एक भीड़ ने उस इकाई के मुख्य द्वार पर पथराव किया, जहां अपशिष्ट का निपटान किया जाना था। सोमवार को, यहां बाजार खुले रहे, लोग अन्य दिनों की तरह सड़कों पर घूमते-फिरते दिखे और 1.75 लाख की आबादी वाले शहर के अधिकांश हिस्सों से पुलिस अवरोधक हटा दिए गए।
मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर पीथमपुर में कम से कम 700 औद्योगिक इकाइयां हैं।
धार के पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘चार दिनों के बाद, पीथमपुर में शांति है। उच्च न्यायालय की सुनवाई से बड़ी राहत मिली है। यहां अब स्थिति शांतिपूर्ण है।’’
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार को यूनियन कार्बाइड कारखाने के अपशिष्ट निपटान पर सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया।
उच्च न्यायालय ने मीडिया को अपशिष्ट निपटान के मुद्दे पर गलत खबरें नहीं देने का भी निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस के कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने राज्य सरकार को महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के अनुरोध पर छह सप्ताह का समय दिया।
सिंह ने अपशिष्ट निपटान शुरू करने से पहले पीथमपुर की जनता को विश्वास में लेने और उनके मन से डर दूर करने के लिए समय देने का अनुरोध किया था।
सिंह ने अदालत को बताया कि यूनियन कार्बाइड अपशिष्ट निपटान के बारे में काल्पनिक और झूठी खबरों के कारण पीथमपुर कस्बे में अशांति पैदा हुई।
राज्य सरकार के अपना पक्ष रखने के बाद, पीठ ने प्रिंट, ऑडियो और विजुअल मीडिया को मामले पर कोई भी गलत खबर नहीं चलाने का निर्देश दिया।
इस बीच, एसपी ने कहा कि हिंसा भड़काने के लिए अफवाह फैलाने के आरोप में गोवर्धन पवार और भरत मीना नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि गोवर्धन पवार और भरत मीना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 151 के तहत आरोप लगाए गए हैं और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एसपी ने बताया कि पवार और मीना पर सोशल मीडिया पर फैली इस अफवाह के सिलसिले में आरोप लगाया गया है कि भोपाल से पीथमपुर तक कचरे को ले जाने वाले 12 कंटेनर में से एक गायब है।
उन्होंने कहा कि 12 ट्रक को गार्ड की मौजूदगी में फैक्ट्री परिसर में खड़ा किया गया है।
भाषा सं दिमो