बीड सरपंच हत्या: नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की; धनंजय मुंडे को कैबिनेट से हटाने की मांग
अमित प्रशांत
- 06 Jan 2025, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
मुंबई, छह जनवरी (भाषा) विभिन्न दलों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की और बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंत्री धनंजय मुंडे को राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।
विवाद और मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की मांग के बीच मुंडे ने सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष अजित पवार से मुलाकात की। हालांकि, बैठक का ब्यौरा उपलब्ध नहीं हो सका।
कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक सुरेश धस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करने का अनुरोध किया, जिससे कानून के शासन को बनाए रखने और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास पुनः प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
बीड जिले के मसाजोग के सरपंच देशमुख को नौ दिसंबर को कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा पनचक्की परियोजना का संचालन कर रही एक कंपनी से जबरन वसूली के प्रयास का विरोध करने को लेकर अपहृत कर लिया गया था और बाद में प्रताड़ित करने के पश्चात उनकी हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने हत्या के मामले में जांच के तहत अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुंडे का सहयोगी वाल्मिक कराड भी शामिल है।
कराड की संलिप्तता को लेकर लोगों में काफी आक्रोश उत्पन्न हुआ, विशेष रूप से 31 दिसंबर 2024 को एक सोशल मीडिया वीडियो के जरिए सार्वजनिक तौर पर आत्मसमर्पण किये जाने के बाद। उस दौरान पुणे स्थित सीआईडी मुख्यालय में भारी भीड़ जुट गई, जिससे अव्यवस्था और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की आशंका उत्पन्न हुई।
नेताओं ने मुंडे के इस्तीफे, कराड के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किये जाने, लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बीड में जबरन वसूली और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सत्तारूढ़ दल के एकमात्र विधायक धस ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत के इस दावे को खारिज कर दिया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कराड के खिलाफ उनके हमले का समर्थन किया है।
धस ने कराड और उनके सहयोगियों के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं और संकेत दिया है कि मुंडे ने कराड का समर्थन किया है।
भाजपा विधायक धस ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने मुझे कुछ कहने के लिए नहीं कहा है। मैंने अब तक जो कुछ भी कहा और किया है, अगर उन्हें (फडणवीस) उससे असहमति होती तो वह मुझसे कहते। वह मुझे ऐसा करने से रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।’’
धस ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात को भी खारिज किया कि इस मामले में उनके आक्रामक रुख ने मराठा और वंजारी समुदायों के बीच दरार पैदा कर दी है। उन्होंने दावा किया, ‘‘वंजारी समुदाय के 90 प्रतिशत लोगों ने देशमुख की हत्या की निंदा की है। कराड और उनके सहयोगियों ने बीड में अन्य वंजारी नेताओं से भी जबरन वसूली की और उन्हें परेशान किया। उन्होंने ऐसा कुछ चीनी मिलों के इशारे पर किया।’’
वडेट्टीवार ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि हत्या के मामले में आरोपपत्र दाखिल होने तक मुंडे अपने पद से इस्तीफा दें।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने बिना किसी दबाव के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कराड अपराध का मास्टरमाइंड है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीआईडी के विशेष जांच दल (एसआईटी) के, कराड से नजदीकी रखने वाले अधिकारियों को हटाया जाना चाहिए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग संभाल रहे मुंडे ने पिछले सप्ताह कहा था कि मंत्री के तौर पर उनकी ओर से कोई प्रभाव नहीं डाला जा सकता, क्योंकि जांच सीआईडी को सौंप दी गई है।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि देशमुख हत्याकांड की सुनवाई त्वरित सुनवायी अदालत में होनी चाहिए और मुख्यमंत्री इस बारे में विधानसभा में बयान दे चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। यह एक जघन्य हत्या है और जांच को राजनीतिक दलों की किसी भी टिप्पणी से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।’’
ज्ञापन में कहा गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जबरन वसूली की गतिविधियां बढ़ गई थीं और इनकी परिणति देशमुख की हत्या में हुई।
नेताओं ने ज्ञापन में दावा किया 28 मई, 2024 को अवाडा पावर प्राइवेट लिमिटेड के एक अधिकारी का अपहरण कर लिया गया था, जिसे अहिल्यानगर पुलिस द्वारा समय पर की गई कार्रवाई के बाद छुड़ाया गया। लेकिन सक्रियता नहीं दिखाने के लिए बीड पुलिस की आलोचना की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कराड ने अवाडा अधिकारियों को बार-बार धमकियां दीं, दो करोड़ रुपये की मांग की और छह दिसंबर, 2024 को उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर कंपनी के मसाजोग स्टोरयार्ड में सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि देशमुख का कथित तौर पर नौ दिसंबर को अपहरण कर लिया गया, उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई और दूसरों को डराने के लिए अपराध का एक वीडियो प्रसारित किया गया। इसमें कहा गया है कि शव एक पड़ोसी गांव में मिला।
नेताओं ने कहा कि मसाजोग के निवासियों ने अगले दिन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन मामला जनता के बढ़ते दबाव के बाद ही दर्ज किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2024 को कराड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से अपने आत्मसमर्पण की घोषणा की और आत्मसमर्पण के दौरान पुणे में सीआईडी मुख्यालय में भीड़ जमा हो गई, जिससे अव्यवस्था उत्पन्न हुई।
नेताओं ने दावा किया कि कराड के साथ कथित तरजीही व्यवहार और जांच पर शक्तिशाली व्यक्तियों के प्रभाव के बारे में सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञापन पर पूर्व सांसद संभाजीराजे छत्रपति, बीड से राकांपा (शरद चंद्र पवार) सांसद बजरंग सोनवणे, कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार, विधायक जितेंद्र आव्हाड सहित अन्य ने हस्ताक्षर किए हैं।
भाषा अमित