भोपाल गैस त्रासदी अपशिष्ट निपटान: भीड़ ने पीथमपुर में भस्मीकरण इकाई पर पथराव किया
राजकुमार
- 04 Jan 2025, 11:57 PM
- Updated: 11:57 PM
धार (मध्यप्रदेश), चार जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में धार जिले के पीथमपुर में शनिवार को भीड़ ने उस परिसर पर पथराव किया, जहां भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े 337 टन यूनियन कार्बाइड अपशिष्ट को भस्मीकरण करने का प्रस्ताव है।
पीथमपुर थाने के निरीक्षक ओम प्रकाश अहीर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 100-150 लोगों की भीड़ ने इकाई के गेट पर पथराव किया।
अहीर ने कहा कि घटना के पीछे के लोगों की पहचान करने और कानूनी कार्रवाई करने के लिए जांच चल रही है।
यह घटना पीथमपुर बचाओ समिति द्वारा दिए गए बंद के आह्वान के बीच निपटान योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई है।
शुक्रवार को 500-600 लोगों की भीड़ रामकी ग्रुप के औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन प्राइवेट लिमिटेड परिसर में पहुंची, जहां कचरे को जलाया जाना था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें तितर-बितर कर दिया।
कुछ घंटों बाद जिला प्रशासन ने इकाई के परिसर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी।
शुक्रवार शाम को जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि यह 12 जनवरी तक लागू रहेगा और भस्मीकरण सुविधा के आसपास शांति बनाए रखने के लिए इसे लगाया गया है।
शनिवार को इंदौर संभागीय आयुक्त दीपक सिंह और महानिरीक्षक अनुराग के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने पीथमपुर नगर निगम के हॉल में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक के बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और क्षेत्र के निवासियों के साथ संवाद में सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच लगातार संवाद जारी रहेगा। यूनियन कार्बाइड के निपटान के लिए जो भी प्रक्रिया चल रही है, माननीय न्यायालय के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
सिंह ने कहा कि सभी संवाद पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएंगे और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
महानिरीक्षक अनुराग ने कहा कि पुलिस ने धैर्य के साथ स्थिति को नियंत्रित किया है।
उन्होंने कहा, "पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।"
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान आत्मदाह का प्रयास करने वाले दो व्यक्ति 10-15 प्रतिशत जल गए हैं और वर्तमान में इंदौर के चोइथराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
आईजी ने कहा कि डॉक्टरों के अनुसार वे खतरे से बाहर हैं।
दो और तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को भोपाल में यूनियन कार्बाइड कीटनाशक कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस लीक हुई थी, जिससे कम से कम 5,479 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त हो गए ।
अधिकारियों ने कार्बाइड फैक्टरी से 337 टन कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निपटान के लिए पीथमपुर पहुंचाया। यह सामग्री बृहस्पतिवार को पीथमपुर स्थित भस्मीकरण इकाई में पहुंच गई।
पुलिस ने पीथमपुर बचाओ समिति द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में पांच मामले दर्ज किए हैं।
भाषा दिमो