म्हात्रे लिस्ट ए क्रिकेट में 150 रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने, जायसवाल का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा
आनन्द सुधीर
- 31 Dec 2025, 09:30 PM
- Updated: 09:30 PM
अहमदाबाद, 31 दिसंबर (भाषा) मुंबई के आयुष म्हात्रे ने मंगलवार को यहां नगालैंड के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी मैच के दौरान लिस्ट ए क्रिकेट में 150 से अधिक रन बनाने वाले सबसे कम उम्र का खिलाड़ी होने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने हमवतन यशस्वी जयसवाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड दिया।
म्हात्रे ने 17 साल और 168 दिन की उम्र में भारतीय सलामी बल्लेबाज जायसवाल द्वारा बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। जायसवाल 17 साल और 291 दिन के थे, जब उन्होंने 2019 में झारखंड के खिलाफ मुंबई के लिए खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की थी।
इस सत्र की शुरुआत में घरेलू दिग्गज मुंबई के लिए पदार्पण करने वाले म्हात्रे ने 11 छक्कों और 15 चौकों की मदद से केवल 117 गेंदों पर 181 रन बनाए। उनकी इस पारी से मुंबई ने 50 ओवर में सात विकेट पर 403 रन बनाये।
मुंबई के विरार उपनगर के रहने वाले म्हात्रे ने इस सत्र की शुरुआत में टीम में शामिल होने के बाद से सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है।
म्हात्रे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे विश्व रिकॉर्ड की जानकारी नहीं थी। मुझे नहीं पता था कि मैं 150 रन बनाने वाला सबसे युवा खिलाड़ी हूं क्योंकि मैं सिर्फ बल्लेबाजी पर ध्यान दे रहा था।’’
वह ईरानी कप विजेता मुंबई टीम का हिस्सा थे जिसने अक्टूबर में 27 साल के अंतराल के बाद शेष भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी। रणजी ट्रॉफी में अपने पदार्पण पर म्हात्रे ने 71 गेंदों में 52 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन मुंबई ने सत्र का यह पहला मैच बड़ौदा के खिलाफ गंवा दिया था।
म्हात्रे ने इसके बाद महाराष्ट्र के खिलाफ 232 गेंदों में 22 चौकों और चार छक्कों की मदद से 176 रनों की शानदार पारी खेली जिससे मुंबई यह मैच नौ विकेट से जीता था।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच हमेशा मुझसे कहते हैं कि शतक या दोहरा शतक भगवान के हाथ में है। लेकिन एक अच्छा स्कोर, यानी 50 रन से बड़ा स्कोर हमेशा आपके हाथ में होता है।’’
अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर, शारदुल ठाकुर, सूर्यकुमार यादव और पृथ्वी साव जैसे भारत के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने वाले म्हात्रे ने कहा, ‘‘ इन खिलाड़ियों से मैंने आत्मविश्वास के बारे में सीखा है। मैंने खुद पर विश्वास बनाए रखने के बारे में सीखा है, अतीत और असफलता के बारे में ज्यादा चिंता नहीं करना सीखा है।’’
उन्होंने रणजी में इसके बाद त्रिपुरा और ओडिशा के खिलाफ प्रभाव नहीं छोड़ सके थे लेकिन सेना के खिलाफ 149 गेंद में 116 रन की पारी के साथ प्रथम श्रेणी में अपना दूसरा शतक ठोका।
उन्होंने इसके बाद अंडर-19 एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। म्हात्रे ने जापान (54) और यूएई (नाबाद 67) के खिलाफ अर्धशतकीय पारियां खेली लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल में सस्ते में आउट हो गये।
वह सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में नहीं खेले लेकिन उन्होंने 50 ओवर के राष्ट्रीय टूर्नामेंट में कर्नाटक के खिलाफ 78 रन की शानदार पारी के साथ वापसी की।
भाषा आनन्द