अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल से ‘मादक पदार्थ तस्कर’ जाफर सादिक से जुड़े मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया
जोहेब सुभाष
- 10 Mar 2024, 06:49 PM
- Updated: 06:49 PM
चेन्नई, 10 मार्च (भाषा) अन्नाद्रमुक प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी ने रविवार को तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने कथित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ सरगना जाफर सादिक के सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और राज्य पुलिस के साथ संबंधों की गहन जांच कराने का अनुरोध किया है।
इस बीच, तमिलनाडु के कानून मंत्री और द्रमुक नेता एस. रघुपति ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी का सादिक से कोई संबंध नहीं है।
स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से संबद्ध 50 किलोग्राम ‘स्यूडोएफेड्रिन’ जब्त होने के मामले में नौ मार्च को सादिक को गिरफ्तार किया था।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद राजभवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, पलानीस्वामी ने दावा किया कि हाल ही में मादक पदार्थ तस्करी मामले में नाम सामने आने के कारण बर्खास्त किए जाने से पहले तक सादिक द्रमुक का पदाधिकारी व चेन्नई वेस्ट-एनआरआई विंग के उप-संगठक के पद पर था।
एनसीबी के एक अधिकारी के संवाददाता सम्मेलन का हवाला देते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सादिक ने अवैध तस्करी से अर्जित पैसों से फिल्म निर्माण में पैसा लगाया और आतिथ्य उद्योग में निवेश किया।
नेता प्रतिपक्ष पलानीस्वामी ने कहा कि कि सादिक ने द्रमुक पदाधिकारियों को 'पैसा दिया' और पार्टी के एक नेता से जुड़े 'ट्रस्ट' को भी दान दिया।
उन्होंने कहा कि "सादिक ने एक फिल्म में पैसा लगाया था जिसका निर्देशन द्रमुक परिवार के एक प्रमुख व्यक्ति ने किया था।”
पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रवि से सादिक के "द्रमुक और पुलिस के साथ संबंधों" की अधिकारियों से गहन जांच कराने का अनुरोध किया है।
वहीं, द्रमुक ने सादिक को पार्टी या उसके नेताओं से जोड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक का वार उलटा पड़ गया क्योंकि सादिक को गिरफ्तार होने से पहले ही पार्टी से निकाल दिया गया था।
उन्होंने कहा, “द्रमुक का जाफर सादिक के साथ किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है।”
राज्य के मंत्री और द्रमुक के नेता रघुपति ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने द्रमुक सरकार को "बदनाम" करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का "दुरुपयोग" करने के बाद अब एनसीबी को लगाया है।
सादिक के खिलाफ 2013 के एनसीबी मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने अन्नाद्रमुक पर निशाना साधा।
उन्होंने दावा किया, “भाजपा की तमिलनाडु विधि इकाई के प्रमुख ने अदालत में सादिक का बचाव किया था। अन्नाद्रमुक सरकार (2011-21) ने जाफर सादिक को बचाया था।”
इस बीच, भाजपा ने द्रमुक(डीएमके) पर निशाना साधते हुए इसे “ड्रग मार्केटिंग कषगम” कहा।
भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के संबंध में सादिक की गिरफ्तारी के बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) अब “ड्रग मार्केटिंग कषगम” बन बई है।
भाषा जोहेब