जब मनमोहन सिंह ने कहा था ‘हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी,जो कई सवालों की आबरू ढक लेती है..

जब मनमोहन सिंह ने कहा था ‘हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी,जो कई सवालों की आबरू ढक लेती है..