खेलरत्न के लिये मनु की अवहेलना पर राणा ने एनआरएआई और खेल मंत्रालय पर सवाल उठाये
मोना सुधीर
- 24 Dec 2024, 04:16 PM
- Updated: 04:16 PM
(अभिषेक होरे और सुमन रे)
नयी दिल्ली, 24 दिसंबर (भाषा) दो ओलंपिक पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर के कोच जसपाल राणा ने खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) को ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिये मनु की अनदेखी किये जाने पर आड़े हाथों लिया है ।
मनु का नाम सूची में नहीं होने से विवाद पैदा हो गया हालांकि खेल मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि अभी नाम तय नहीं हुए हैं और अंतिम सूची में उनका नाम होगा ।
मनु ने पेरिस ओलंपिक में दस मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे ।
राणा ने पीटीआई वीडियो से कहा ,‘‘ मैं उन सभी को जिम्मेदार ठहराऊंगा । कोई कैसे कह सकता है कि मनु ने आवेदन नहीं किया । उसने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचा है । उसका नाम तो अपने आप आना चाहिये । क्या अधिकारियों को पता नहीं है कि मनु भाकर कौन है और उसकी क्या उपलब्धि है । इस अपमान से उसकी प्रगति में बाधा पहुंचेगी ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं यही कहूंगा कि गलत परंपरा कायम की जा रही है । इससे खिलाड़ी का मनोबल टूट सकता है ।’’
मंत्रालय ने कहा कि मनु ने पुरस्कार के लिये आवेदन नहीं किया है लेकिन उनके पिता रामकिशन भाकर ने कहा कि उन्होंने आवेदन किया है ।
राणा ने कहा ,‘‘ अगर खेल जगत इससे हैरान है, अगर आप इस बारे में मुझसे बात कर रहे हैं, अगर लोग इस बारे में लिख रहे हैं तो समिति को यह क्यूं नहीं लगा कि वह पुरस्कार की हकदार है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ इसके अलावा उनका क्या काम है । क्या उन्हें पिछले चक्र में खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखकर फैसला नहीं करना चाहिये था । अगर खिलाड़ी ने आवेदन नहीं भी किया है तो समिति को उसके नाम की अनुशंसा करने से कौन रोक रहा था । खैर, यह पहली बार नहीं हुआ है । मेरे साथ भी यह हो चुका है । मुझे कभी खेलरत्न पुरस्कार नहीं मिला ।’’
उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार के लिये खिलाड़ियों के सीधे आवेदन करने की अनिवार्यता खेल के हित में नहीं है ।
राणा ने कहा ,‘‘ यह हैरानी की बात है । कोई शीर्ष खिलाड़ी पुरस्कार के लिये आवेदन या अनुरोध क्यों करे । उसे तो अपने आप पुरस्कार मिलना चाहिये । उसकी अनदेखी कैसे हो सकती है । कोई व्यवस्था तो होनी चाहिये ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ क्या हर खिलाड़ी को पता है कि कैसे आवेदन करना है । क्या इसका कोई तुक है कि सिर्फ खिलाड़ी ही आवेदन कर सकता है । महासंघ, साइ या मंत्रालय क्यों नहीं ।’
भाषा मोना