शिवसेना (यूबीटी) ने चार और उम्मीदवार घोषित किए, मनसे की पूर्व नेता को कल्याण सीट से टिकट
जोहेब वैभव
- 03 Apr 2024, 07:22 PM
- Updated: 07:22 PM
(फोटो के साथ)
मुंबई, तीन अप्रैल (भाषा) शिवसेना (यूबीटी) ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को चार और उम्मीदवारों के नाम घोषित करते हुए कल्याण सीट से वैशाली दरेकर-राणे को टिकट दिया है। कल्याण सीट पर सभी की निगाहे हैं, जहां से फिलहाल राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे सांसद हैं।
इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी अब तक महाराष्ट्र की 21 सीट पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। महाराष्ट्र में 19 अप्रैल से पांच चरण में मतदान होगा।
दरेकर-राणे ने 2009 में कल्याण सीट से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के टिकट पर शिवसेना के उम्मीदवार आनंद परांपजे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह 1.02 लाख वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रही थीं।
ठाकरे ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सत्यजीत पाटिल को हत्कानान्गले, भारती कामडी को पालघर और करण पवार को जलगांव सीट से उम्मीदवार घोषित किया।
ठाकरे ने कहा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) में शामिल कांग्रेस अगर मुंबई उत्तर सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहती तो शिवसेना (यूबीटी) उस सीट से उम्मीदवार घोषित करेगी।
भाजपा ने मुंबई उत्तर सीट से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को उम्मीदवार बनाया है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कल्याण सीट को लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
ठाकरे ने कहा कि दरेकर-राणे और भारती कामडी पार्टी की जमीन से जुड़ी कार्यकर्ता हैं।
जलगांव जिले के परोला नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष करण पवार बुधवार को मौजूदा भाजपा सांसद उन्मेश पाटिल के साथ शिवसेना (यूबीटी) में शामिल हुए और पार्टी ने आज ही उन्हें जलगांव सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
भाजपा ने इस बार उन्मेश पाटिल को जलगांव से टिकट नहीं दिया, जिसके बाद वह शिवसेना (यूबीटी) में शामिल हो गए। भाजपा ने उनकी जगह स्मिता वाघ को टिकट दिया है।
ठाकरे ने यह संकेत भी दिया कि शिवसेना (यूबीटी) सांगली निर्वाचन क्षेत्र को लेकर नरम नहीं पड़ेगी, जहां उसने पहले ही अपना उम्मीदवार (चंद्रहार पाटिल) घोषित कर दिया है, हालांकि कांग्रेस यह सीट मांग रही है।
चंद्रहार पाटिल की उम्मीदवारी से कांग्रेस में नाराजगी पैदा हो गई, जो पश्चिमी महाराष्ट्र में अपने पारंपरिक गढ़ सांगली से पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वसंतदादा पाटिल के पोते विशाल पाटिल को मैदान में उतारना चाहती थी।
ठाकरे ने कहा, “शिवसेना (यूबीटी) ने अपनी पारंपरिक कोल्हापुर और रामटेक सीटें कांग्रेस को दी हैं।”
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही सांगली में प्रचार शुरू कर दिया है।
यह पूछने पर की क्या सांगली सीट पर दोस्ताना मुकाबला देखने को मिलेगा, ठाकरे ने कहा, “दोस्ताना मुकाबला बेकार की बात है क्योंकि जब दोस्ती होती है तो कोई मुकाबला नहीं होता।”
कांग्रेस शिवसेना (यूबीटी) द्वारा मुंबई दक्षिण-मध्य निर्वाचन क्षेत्र से ठाकरे के करीबी अनिल देसाई को मैदान में उतारने से भी नाराज है।
ठाकरे ने कहा, “अगर हमारी सहयोगी (कांग्रेस) मुंबई उत्तर से चुनाव लड़ने की इच्छुक नहीं है, तो हम उस सीट से एक उम्मीदवार खड़ा करेंगे। हम मुंबई में (छह में से) चार सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। हम चाहते हैं कि कांग्रेस मुंबई की बाकी दो सीटों पर जीत हासिल करे और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ता उनकी मदद करेंगे। ”
पश्चिमी महाराष्ट्र के हत्कानान्गले से सत्यजीत पाटिल की उम्मीदवारी को स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के राजू शेट्टी के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो इस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए ठाकरे से समर्थन मांग रहे थे।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि पार्टी ने शेट्टी को बताया था कि उन्हें शिवसेना (यूबीटी) के प्रतीक ‘जलती हुई मशाल’ पर चुनाव लड़ना चाहिए, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं की भी राय थी कि एमवीए के किसी भी उम्मीदवार को 'जलती हुई मशाल' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ना चाहिए।
शेट्टी ने 2009 और 2014 में हत्कानान्गले सीट जीती थी, लेकिन 2019 में वह अविभाजित शिवसेना के धैर्यशील माने से हार गए थे।
पालघर सीट से अविभाजित शिवसेना के राजेंद्र गावित मौजूदा सांसद हैं।
भाषा जोहेब