रुपया सात पैसे की गिरावट के साथ 85.11 प्रति डॉलर पर
राजेश राजेश अजय
- 23 Dec 2024, 08:31 PM
- Updated: 08:31 PM
मुंबई, 23 दिसंबर (भाषा) फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख से डॉलर सूचकांक में निरंतर मजबूती के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले सात पैसे कमजोर होकर 85.11 पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के बावजूद डॉलर की भारी मांग के कारण रुपया कमजोर रहा। इसके अलावा, अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी कारोबारी धारणा को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि डॉलर सूचकांक के ऊंचे स्तर पर बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने वर्ष 2025 में ब्याज दरों में अपेक्षा से कम कटौती का संकेत दिया है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 85.02 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान 85.13 प्रति डॉलर के निचले स्तर को छूने के बाद अंत में यह 85.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव से सात पैसे की गिरावट है।
शुक्रवार को रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से कुछ हद तक संभला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नौ पैसे बढ़कर 85.04 पर बंद हुआ था।
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषण विभाग के उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा), जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख से डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती के बीच रुपया कमजोर रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘छुट्टियों का मौसम नजदीक आने के साथ ही बाजार में भागीदारी कम होने की उम्मीद है, जिससे निकट भविष्य में अस्थिरता कम हो सकती है। वैश्विक संकेतों और साल के अंत में बाजार की गतिशीलता से कारोबारी धारणा प्रभावित होने के कारण रुपये का कारोबार 84.85 और 85.25 के बीच होने का अनुमान है।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 108.13 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.67 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि डॉलर की मजबूत मांग के बीच रुपये में गिरावट आई। साथ ही, चीनी मुद्रा युआन में कमजोरी के कारण अमेरिकी डॉलर में तेजी आई।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी रुपये पर दबाव डाला। हालांकि, सकारात्मक घरेलू शेयर बाजार ने इसे कुछ कम किया।
चौधरी ने कहा, ‘‘एफआईआई निकासी भी रुपये पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, घरेलू बाजारों में सुधार से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है। डॉलर-रुपये का हाजिर मूल्य 84.90 से 85.15 की सीमा में कारोबार करने की उम्मीद है।’’
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 498.58 अंक की तेजी के साथ 78,540.17 अंक पर तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 165.95 अंक की बढ़त के साथ 23,753.45 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 168.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश