केरल : अट्टिंगल लोकसभा सीट पर कई धुरंधरो के होने से लड़ाई हुई दिलचस्प
धीरज वैभव
- 03 Apr 2024, 04:16 PM
- Updated: 04:16 PM
(के. प्रवीण कुमार)
अट्टिंगल(केरल), तीन अप्रैल (भाषा) दक्षिण केरल के अट्टिंगल लोकसभा क्षेत्र से सियासी धुरंधरो के ताल ठोकने से मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। इस सीट पर एक केंद्रीय मंत्री, एक मौजूदा सांसद और एक मौजूदा विधायक किस्मत आजमा रहे हैं।
केरल के अन्य लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की तरह ही अट्टिंगल की भौगोलिक बनावट मिली जुली है जिसमें पहाड़ी, आंतरिक भूमि और तटीय क्षेत्र हैं जो उम्मीदवारों के लिए हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।
कांग्रेस के मौजूदा सांसद अदूर प्रकाश राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में घटक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मौजूदा विधायक वी जॉय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन से कड़ी चुनौती का समाना कर रहे हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरलीधरन से मंगलवार को जब ‘पीटीआई-भाषा’की टीम ने मुलाकात की तब वह निर्वाचन क्षेत्र की आदिवासी बस्तियों में प्रचार कर रहे थे।
कल्लार में मूडोडु आदिवासी बस्ती जंगल के भीतर हैं जहां शाम छह बजे के बाद सड़क पर चलना मुश्किल होता है क्योंकि जंगली जानवरों के हमलों का खतरा रहता है।
जंगल में पेड़ों पर लगे मुरलीधरन के कई पोस्टर देखे जा सकते हैं और लोग उम्मीदवार के आने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मंत्री के स्वागत के लिए पीले रंग का एक पुष्प गुच्छ ले रखा था।
मुरलीधरन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आदिवासियों के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की अधिकतर योजनाएं इन बस्तियों तक नहीं पहुंच सकी हैं। इसलिए उन्हें ऐसा सांसद बनाना चाहिए जो इन योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करे और नियमित तौर पर इनकी निगरानी करे।’’
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार अट्टिंगल भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करेगा।
उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम से सटे अट्टिंगल निर्वाचन क्षेत्र के बारे में उनकी जानकारी उन्हें चुनाव में मदद करेगी। मुरलीधरन ने कहा कि उनका मानना है कि ‘‘केरल के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 25 से 30 प्रतिशत मतदाता भाजपा के पक्ष में होंगे।’’
मुरलीधरन के चुनाव प्रचार के विपरीत एलडीएफ उम्मीदवार वी जॉय का प्रचार दृश्य अलग था और वह अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रचार कर रहे थे जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल था।
जॉय वेंजारामूडु के पास कोट्टुकुन्नम में एक स्वागत केंद्र पर खुले वाहन में पहुंचे। दोपहिया वाहनों पर कई युवा माकपा के झंडे लेकर उम्मीदवार के वाहन के साथ चल रहे थे। प्रचार अभियान का जश्न मनाते हुए कार्यकर्ता पटाखे चला रहे थे।
जॉय वर्कला विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि एक विधायक के तौर पर किए गए उनके कार्य की वजह से उनकी जीत पक्की है।
जॉय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हम इस बार इस सीट पर जीत को लेकर आश्वस्त हैं। यहां के लोग जानते हैं कि मुरलीधरन ने पिछले पांच वर्षों में उनके लिए क्या किया है और मौजूदा सांसद अदूर प्रकाश ने उनके लिए क्या किया है। यदि आप चारों ओर घूमें, तो आपको एक भी इमारत नहीं दिखेगी जिस पर वर्तमान सांसद का नाम अंकित हो।’’
जॉय ने आरोप लगाया कि मुरलीधरन ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए केरल के विकास को रोकने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रकाश ने कभी भी राज्य के लिए संसद में बात नहीं की और निर्वाचन क्षेत्र में कोई विकास नहीं किया।’’
राज्य में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के उम्मीदवार अदूर प्रकाश उस समय जल्दी में थे जब ‘पीटीआई-भाषा’ की टीम ने उनसे वेंजारामूडु जंक्शन पर मुलाकात की।
मौजूदा सांसद ने मतदाताओं से मुलाकात करते हुए कहा, ‘‘मुझे रोजा खोलने के लिए मस्जिद में रहना है। मैं इसमें देरी नहीं कर सकता।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि एक बार फिर वह इस सीट से विजयी होंगे।
प्रकाश ने भाजपा के एक पदाधिकारी के आरोपों को खारिज कर दिया कि पार्टी ने 2019 के चुनाव में अट्टिंगल में उनके पक्ष में मतदान किया था। प्रकाश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे भाजपा से कोई समर्थन नहीं मिला और मैं यह नहीं चाहता। ये चुनाव के समय के हथकंडे हैं और मैं इन आरोपों से विचलित नहीं होने वाला।’’
भाषा धीरज