ताइवान में शक्तिशाली भूकंप, सात लोगों की मौत
एपी नोमान आशीष
- 03 Apr 2024, 03:45 PM
- Updated: 03:45 PM
ताइपे, तीन अप्रैल (एपी) ताइवान में बुधवार सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए, जिससे इमारतें तथा राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गए तथा सात लोगों की मौत हो गई।
पिछले 25 साल में आए सबसे शक्तिशाली भूकंप से राजधानी ताइपे में पुरानी इमारतों और कुछ नए कार्यालय परिसरों में टाइल्स गिर गईं। विद्यार्थियों को स्कूल से निकाल कर खेल के मैदान में ले जाया गया और उन्हें हेलमेट पहनाए गए। कुछ बच्चे ऊपर से गिरती चीजो से बचाव के लिए अपने सिर को किताबों से ढकते दिखे।
भूकंप के कारण दक्षिण-पूर्वी शहर हुलिएन के एक इलाके में स्थित पांच मंजिला इमारत बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। इसी शहर के पास भूकंप का केंद्र था।
ताइवान की राष्ट्रीय दमकल एजेंसी ने कहा कि सुबह करीब आठ बजे आए भूकंप में सात लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अखबार ‘यूनाइटेड डेली न्यूज’ ने खबर दी है कि तारोको राष्ट्रीय उद्यान में चट्टान से पत्थर गिरने से तीन पैदल यात्रियों की मौत हो गई और इसी इलाके में एक बड़ा सा पत्थर एक वैन पर गिरने से उसके चालक की भी मौत हो गई।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 736 लोग जख्मी हुए हैं और 77 लोग विभिन्न जगहों पर फंसे हुए हैं। भूकंप और भूकंप के बाद के झटकों की वजह से भूस्खलन की 24 घटनाएं हुई हैं तथा 35 सड़कें, पुल और सुरंगे क्षतिग्रस्त हुई हैं।
ताइवान की भूकंप निगरानी एजेंसी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.2 थी जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई है। इसका केंद्र हुलिएन से दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में जमीन से करीब 35 किलोमीटर नीचे था।
इसके बाद कई भूकंप बाद के झटके आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, एक झटका 6.5 तीव्रता का था जिसका केंद्र 11.8 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के कारण सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि उन्हें चार तीव्रता के अपेक्षाकृत हल्के भूकंप की आशंका थी, इसलिए उन्होंने अलर्ट नहीं जारी किया।
इस बीच, अधिकारियों ने कहा है कि शक्तिशाली भूकंप के कारण फोन नेटवर्क ठप हो जाने के बाद मिनी बस में सवार 50 लोगों से उनका संपर्क टूट गया है।
ताइपे के एक इलाके में पांचवी मंजिल पर रहने वाले हसिइन-हसुएन केंग ने बताया, ‘‘यहां भूकंप आना आम बात है। लेकिन आज का भूकंप ऐसा था कि मैं डर गया।’’
राष्ट्रीय संसद भवन और ताइपे के दक्षिण में स्थित मुख्य हवाई अड्डे का एक खंड मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। यह संसद भवन द्वितीय विश्व युद्ध से पहले बनाए गए स्कूल में है।
पूर्वी तट के पास पहाड़ी क्षेत्र में सुरंगों और राजमार्गों पर भूस्खलन और गिरते मलबे के कारण यातायात लगभग ठप हो गया।
पूरे द्वीप में ट्रेन सेवा को निलंबित कर दिया गया और ताइपे में ‘सबवे’ सेवा को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। द्वीपीय देश की आबादी 2.3 करोड़ है।
वहीं, जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि भूकंप के झटके के 15 मिनट बाद योनगुनी द्वीप पर सुनामी की 30 सेंटीमीटर ऊंची लहर देखी गई है। इशिगाकी और मियाको द्वीपों पर भी छोटी लहरें उठीं।
चीन के मीडिया के मुताबिक, भूकंप के झटके शंघाई और चीन के दक्षिण-पूर्वी तट से सटे कई प्रांतों में महसूस किए गए। चीन ने अपने मुख्य भूभाग के लिए सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की।
ताइवान में हाल के वर्षों में 21 सितंबर 1999 को सबसे भीषण भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 7.7 थी। इसमें 2400 लोगों की मौत हो गई थी, करीब एक लाख लोग जख्मी हो गए थे और हजारों इमारतें नष्ट हो गई थीं।
एपी नोमान