मुख्यमंत्री पटनायक के गढ़ हिंजिली से चुनाव लड़ने से नहीं डरता : भाजपा प्रत्याशी शिशिर मिश्रा
जितेंद्र सुरेश
- 03 Apr 2024, 03:07 PM
- Updated: 03:07 PM
भुवनेश्वर, तीन अप्रैल (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को उनके गढ़ हिंजिली विधानसभा क्षेत्र से चुनौती दे रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी शिशिर मिश्रा का कहना है कि उन्हें बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख से चुनावी भिड़ंत को लेकर किसी प्रकार का कोई भय नहीं है।
मिश्रा ने कहा कि पटनायक के खिलाफ उनकी लड़ाई से राज्य के मुख्यमंत्री को यह अहसास होगा कि उन्होंने पिछले 25 वर्षों से अपने ही विधानसभा क्षेत्र को नजरअंदाज किया है।
हिंजिली विधानसभा क्षेत्र गंजम जिले का हिस्सा है।
मिश्रा 58 वर्ष की उम्र में राजनीति में कदम रखने के बावजूद हिंजिली से पटनायक के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारे जाने को लेकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं।
हिंजिली से भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद मिश्रा ने 'पीटीआई-भाषा' से मंगलवार को कहा, ''मैं भले ही पहली बार चुनाव लड़ रहा हूं, लेकिन मैं पिछले सात वर्षों से स्थानीय प्रशासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं। हमने बीजद सरकार को पंचायत और शहरी निकाय चुनाव दोनों में मुंहतोड़ जवाब दिया है।''
मिश्रा ने हालिया चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए जोर देकर कहा कि भाजपा धीरे-धीरे हिंजिली में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
उन्होंने उल्लेख किया कि भाजपा ने नगर निगम चुनावों में मजबूती से चुनाव लड़ा और सत्तारूढ़ पार्टी को मिले 6,400 मतों की तुलना में 5,200 वोट हासिल किए थे। इसके अलावा मिश्रा ने जिला परिषद चुनावों में भाजपा के प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन को क्षेत्र में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण बताया।
स्वतंत्रता सेनानी जगन्नाथ मिश्रा के पोते मिश्रा ने कहा कि उनके दिवंगत बड़े भाई शरत मिश्रा भाजपा के एक प्रमुख नेता थे और उन्होंने गंजम जिले में भाजपा के लिए जमीनी आधार बनाने की दिशा में काम किया था।
जगन्नाथ मिश्रा ने हिंजिली से सात बार विधायक रहे ब्रुंदाबाना नायक के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
लगातार पांच बार के मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के सबसे कद्दावर नेता पटनायक के खिलाफ चुनाव लड़ने को लेकर घबराहट के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा, ''मुझे क्यों घबराना चाहिए? मैं एक स्थानीय नागरिक हूं, हिंजिली में पला-बढ़ा हूं। मुझे कोई डर नहीं है लेकिन इस बात से खुश हूं कि मेरे सवाल पटनायक की आंखें खोल देंगे। उन्हें (पटनायक) पहली बार यह अहसास होगा कि उन्होंने 25 वर्षों से अपने विधानसभा क्षेत्र को नजरअंदाज किया है।''
उन्होंने कहा, ''मैं यहीं का रहने वाला हूं और नवीन पटनायक भले ही हिंजिली से पांच बार चुने गए हों, लेकिन (वह) एक बाहरी व्यक्ति हैं। स्थानीय लोग उन्हें हर पांच साल में चुनाव के दौरान एक या दो बार देखते हैं। मैं पूरे 365 दिन लोगों के साथ रहता हूं।''
मिश्रा ने आरोप लगाया कि पटनायक वर्ष 2000 से लगातार पांच बार हिंजिली से विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं, लेकिन लोगों की बुनियादी जरूरतें तक पूरी नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा, ''काम की तलाश में लोगों का बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों में पलायन हो रहा है। लोग अपना घर छोड़ देते हैं, क्योंकि उन्हें स्थानीय स्तर पर नौकरी नहीं मिलती।''
भाषा जितेंद्र