उत्तर प्रदेश: कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत के मामले में पुलिस ने अजय राय को नोटिस जारी किया
जफर, आनन्द जितेंद्र
- 20 Dec 2024, 09:35 PM
- Updated: 09:35 PM
लखनऊ, 20 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत के संबंध में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
लखनऊ में दो दिन पहले कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता की मौत हो गयी थी, जिसके संबंध में पुलिस ने यह नोटिस जारी किया।
राय ने शुक्रवार शाम को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्हें नोटिस मिल गया है और वे जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
उन्होंने हालांकि सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया और पुलिस से आग्रह किया कि वे सरकार के दबाव में काम न करें।
राय ने कहा कि घटना को ऐसी कहानी न दी जाए जिससे 1शहीद’ कांग्रेस कार्यकर्ता को न्याय न मिल सके।
पुलिस उपायुक्त (मध्य लखनऊ) रवीना त्यागी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “उन्हें (अजय राय) भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।”
कांग्रेस ने बुधवार को विधानसभा के मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाई थी लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता प्रभात पांडे (28) की मौत हो गई थी।
युवा कांग्रेस के सचिव रहे प्रभात मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे और कंप्यूटर पाठ्यक्रम की पढ़ाई के दौरान लखनऊ में अपने चाचा के साथ रह रहे थे।
प्रभात का बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार किया गया और जब कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख अजय राय वहां श्रद्धांजलि देने पहुंचे तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
राय ने दावा किया कि प्रभात की मौत ‘पुलिस की बर्बरता’ के कारण हुई जबकि पुलिस ने कहा कि उन्हें कांग्रेस कार्यालय से अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था।
त्यागी ने पहले बताया था, “प्रभात पांडे को कांग्रेस कार्यालय से बेहोशी की हालत में हजरतगंज के नगर अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।”
उन्होंने बताया, “चिकित्सकों के मुताबिक, पांडे के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था।”
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच राय ने कहा कि सामने आया है कि प्रभात पांडे की मौत की जांच कर रहे पुलिस दल ने कांग्रेस पर साक्ष्यों से छेड़छाड का आरोप लगाया है, जो सरासर दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
राय ने कहा, “हमने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर सहित सब कुछ मुहैया करा दिया है।”
उन्होंने कहा, “हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।”
राय ने पुलिस से कहा, “किसी भी दबाव या सरकार के दबाव में काम न करें”
उन्होंने कहा, “दबाव में आकर ऐसा कुछ न करें जिससे हमारे ‘शहीद’ कार्यकर्ता को न्याय न मिल सके।”
राय ने कहा, “प्रभात पांडे कांग्रेस परिवार के सदस्य थे। उनके आकास्मिक निधन का हमें गहरा अफसोस है। मैं स्वयं पुलिस द्वारा पैदा की गई अड़चनों के बावजूद बहस्पतिवार को गोरखपुर में उनके अंत्येष्टि संस्कार शामिल हुआ।”
उन्होंने कहा, “कल (बृहस्पतिवार) पुलिस और सरकार ने हर कदम पर मुझे रोकने की कोशिश की लेकिन वह किसी तरह प्रभात पांडेय के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने में कामयाब रहे।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह से यह किया गया उन्होंने अपने जीवन में पहली बार देखा है कि किसी सरकार ने किसी व्यक्ति को पार्टी कार्यकर्ता के अंतिम संस्कार में भाग लेने से रोकने की कोशिश की हो।
उन्होंने कहा, “यह बेशर्मी और निंदनीय है।”
राय ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में पुलिस की बर्बरता के कारण खुद अविनाश पांडे और अन्य सहित कई पार्टी सदस्य घायल हो गए तथा परिणामस्वरूप प्रभात पांडेय की मौत हो गई।
राय ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने ही सबसे पहले पांडे की मौत की जांच की मांग की थी। हमने एक करोड़ रुपये का मुआवजा और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। इसके अलावा, पार्टी ने परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदारी लेने के बजाय, पुलिस खुद को बचाने का काम कर रही है जबकि सरकार मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रही है।
राय ने कहा, “हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।”
भाषा जफर, आनन्द