फेडरल रिजर्व के संकेतों से बिकवाली का जोर, सेंसेक्स 80,000 अंक से नीचे फिसला
प्रेम अजय
- 19 Dec 2024, 05:44 PM
- Updated: 05:44 PM
मुंबई, 19 दिसंबर (भाषा) अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से अगले साल ब्याज दरों में कम कटौती के संकेत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में जबर्दस्त बिकवाली देखी गई। इसके चलते घरेलू शेयर बाजार का मानक सूचकांक सेंसेक्स करीब 965 अंक टूटकर 80,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया।
विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी कोषों की निकासी जारी रहने के बीच टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में भारी गिरावट ने भी निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर डाला।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 964.15 अंक यानी 1.20 प्रतिशत फिसलकर 79,218.05 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,162.12 अंक तक टूटकर 79,020.08 अंक पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 247.15 अंक यानी 1.02 प्रतिशत गिरकर 24,000 अंक से नीचे 23,951.70 अंक पर आ गया।
घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। गिरावट के इन चार दिनों में सेंसेक्स 2,915.07 अंक यानी 3.54 प्रतिशत नीचे आ चुका है जबकि निफ्टी में कुल 816.6 अंक यानी 3.29 प्रतिशत का नुकसान रहा है।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘ब्याज दरों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख अपनाने से वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली के बाद भारतीय बाजार में व्यापक गिरावट देखी गई। ब्याज दरों को लेकर संवेदनशील बैंकिंग एवं रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों पर इसका खासा असर पड़ा।’’
नायर ने कहा, ‘‘हालांकि, ब्याज दर स्थिर रखने के बैंक ऑफ जापान के फैसले ने अर्थशास्त्रियों को चौंका दिया, जिससे बिकवाली का दबाव कम करने में थोड़ी मदद मिली। इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के बीच निवेशक सतर्क बने रहे।’’
सेंसेक्स की कंपनियों में से इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए।
इसके उलट, सन फार्मा, पावर ग्रिड और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व के कड़े रुख के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों से बाजार लुढ़क गए और अपने मनोवैज्ञानिक स्तरों से नीचे आ गए। अमेरिकी बॉन्ड का प्रतिफल बढ़ने से रुपये पर भी दबाव पड़ा और यह नए निचले स्तर पर खिसक गया।’’
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया पहली बार 85 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे बंद हुआ है।
व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.20 प्रतिशत की गिरावट देखी गई जबकि स्मालकैप 0.28 प्रतिशत नीचे आया।
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों में से 2,315 शेयरों में गिरावट रही जबकि 1,680 शेयर चढ़ गए और 100 शेयर अपरिवर्तित बने रहे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया के कॉस्पी, चीन के शंघाई कम्पोजिट, जापान के निक्की और हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट रही।
यूरोपीय बाजार नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,316.81 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.08 प्रतिशत गिरकर 73.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 502.25 अंक गिरकर 80,182.20 अंक पर और एनएसई निफ्टी 137.15 अंक के नुकसान के साथ 24,198.85 पर बंद हुआ था।
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