छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने धान खरीद में अनियमितता का आरोप लगाया, सरकार ने खंडन किया
संजीव जितेंद्र
- 16 Dec 2024, 09:24 PM
- Updated: 09:24 PM
रायपुर, 16 दिसंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश में धान खरीद में अनियमितता का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा।
राज्य सरकार में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि धान खरीद के लिए समुचित व्यवस्था की गई है और खरीद केंद्रों से धान का उठाव जारी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए किसानों से जारी धान खरीद पर चर्चा की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने विपक्ष द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव नोटिस की स्वीकार्य करने पर चर्चा की अनुमति दी।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और बघेल समेत कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप लगाया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदने में साय सरकार पूरी तरह विफल रही है और इस राज्य में ऐसी अराजक स्थिति पहले कभी नहीं बनी।
विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि पंजीकृत 27.78 लाख किसानों में से 10.66 लाख किसानों से 15 दिसंबर तक करीब 50 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।
उन्होंने कहा कि खरीदे गए धान को न तो राइस मिलर्स कस्टम मिलिंग के लिए उठाया जा रहा है और न ही भंडारण केंद्रों पर भेजा जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई खरीद केंद्रों पर धान की खरीदी बंद कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि राइस मिलर्स, ‘सोसायटी मैनेजर’, कंप्यूटर ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टर और किसान समेत सभी वर्ग सरकार से असंतुष्ट हैं।
कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि मोदी की गारंटी के मुताबिक राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने और 3100 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान का वादा किया था लेकिन केवल 2300 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धान की पैकिंग के लिए उपलब्ध कराए गए नए जूट के अधिकांश बोरे घटिया स्तर के हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जूट के बोरे का औसत वजन 580 ग्राम होना चाहिए, लेकिन धान खरीदी केंद्रों पर 480 ग्राम वजन के बोरे दिए गए हैं।
राज्य के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अपने जवाब में कहा कि 14 नवंबर से 2,739 धान केंद्रों के माध्यम से धान की खरीद की जा रही है और रविवार तक 10.66 लाख किसानों से 50.02 लाख टन धान की खरीद की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि धान खरीद के एवज में किसानों को 10,485 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और अब तक ट्रांसपोर्टरों द्वारा 3.69 लाख टन और राइस मिलर्स द्वारा 1.04 लाख टन को मिलाकर कुल 4.73 लाख टन धान का उठाव किया जा चुका है।
कश्यप ने कहा कि खरीद केंद्रों में कुल 45.29 लाख टन धान रखा गया है, जिसका उठाव जारी है।
मंत्री के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन कर दिया।
भाषा संजीव