असंगठित क्षेत्र के लोगों को संगठित क्षेत्र में लाने के लिए प्रयास करे सरकार: सुले
वैभव मनीषा
- 16 Dec 2024, 05:41 PM
- Updated: 05:41 PM
नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को असंगठित क्षेत्र के लोगों को संगठित क्षेत्र में लाने के लिए काम करना चाहिए और उसे बताना चाहिए कि वह चालू खाते के घाटे का प्रबंधन कैसे करेगी।
सुप्रिया सुले ने लोकसभा में ‘वर्ष 2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगें-प्रथम बैच’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार को असंगठित क्षेत्र के लोगों को संगठित क्षेत्र में लाने के लिए काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश की अर्थव्यवस्था पांच हजार करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने का विश्वास जता रही है।
सुले ने कहा कि कोई भी सरकार होती, अर्थव्यवस्था के आकार को देखते हुए देश पांच हजार अरब के स्तर पर पहुंचेगा ही।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में देश में आयात बढ़ रहा है और निर्यात घट रहा है, ऐसे में सरकार चालू घाटा खाते का प्रबंधन कैसे करेगी।
सुले ने कहा कि सरकार ने सदन से जनगणना और सर्वे के लिए पैसे देने की अनुमति मांगी है, लेकिन उसे बताना चाहिए कि देश में परिसीमन और जनगणना कब होगी।
कांग्रेस के मनीष तिवारी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार पूंजी व्यय के सहारे अर्थव्यवस्था को चला रही है और भारत का निर्यात कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर वस्तुओं के उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी केवल 1.8 प्रतिशत रह गई है और सेवाओं में यह 4.3 प्रतिशत रह गई है।
तिवारी ने कहा कि यह सरकार देश के 80 प्रतिशत लोगों को मुफ्त राशन दे रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘देश में खाद्य सुरक्षा का कानून कांग्रेस नीत संप्रग सरकार लाई थी। आप चाहें तो 80 प्रतिशत लोगों को ही नहीं देश की पूरी 140 करोड़ आबादी को मुफ्त खाद्यान्न दे दीजिए, लेकिन रोजगार कहां हैं।’’
तिवारी ने कहा कि सरकार रोजगार नहीं दे पा रही, इसलिए उसे मुफ्त अनाज देना पड़ रहा है।
उन्होंने दिल्ली के पास सिंघू और खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इतने दिनों से किसान सड़कों पर बैठे हैं और वे अपनी मांगों को लेकर दिल्ली आना चाहते हैं, लेकिन सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार क्यों नहीं है?
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि इस सरकार ने पिछले दस साल में आने वाली पीढ़ियों के लिए 1,12,85,394 करोड़ रुपये का कर्जा बढ़ाया है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को बताना चाहिए कि यह पैसा किन चीजों पर खर्च किया गया।’’
उन्होंने कहा कि 2015 से लेकर 2024 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है और राजकोषीय घाटा बढ़कर 16,53,070 करोड़ रुपये हो गया है।
तिवारी ने कहा, ‘‘हम भी चाहते हैं कि भारत पांच हजार अरब की अर्थव्यवस्था बने। लेकिन इस देश में असमानता की स्थिति का क्या होगा जहां केवल 10 प्रतिशत लोगों के पास 77 प्रतिशत पूंजी है।’’
वहीं, भाजपा सांसद के. सुधाकर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल यह झूठा विमर्श गढ़ते हैं कि मौजूदा सरकार में दक्षिण भारत के साथ भेदभाव होता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में कर्नाटक को कर संग्रह में उसकी पूरी हिस्सेदारी मिली है।
भाषा वैभव