भाजपा नेता विजयेंद्र ने मणिपदी को रिश्वत देने का प्रयास करने के आरोप को खारिज किया
सिम्मी नरेश
- 15 Dec 2024, 05:34 PM
- Updated: 05:34 PM
बेंगलुरु, 15 दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं के उन आरोपों को रविवार को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्होंने राज्य के अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपदी को वक्फ अतिक्रमणों पर उनकी रिपोर्ट दबाने के लिए रिश्वत देने का प्रयास किया था।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को आरोप लगाया था कि विजयेंद्र ने वक्फ संपत्ति अतिक्रमण की जांच को दबाने के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपदी को 150 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की।
इस बीच, मणिपदी ने इस बात से इनकार किया है कि विजयेंद्र ने उन्हें ऐसी कोई पेशकश की थी जबकि गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि मणिपदी द्वारा ऐसा आरोप लगाए जाने का वीडियो फुटेज उपलब्ध है।
विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस और सिद्धरमैया, खासकर एमयूडीए आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों से ‘‘परेशान’’ लग रहे हैं।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘यह एक निर्लज्ज सरकार है। मैंने इसके नेताओं, मंत्रियों और विधायकों के बयान देखे हैं, ऐसा लगता है कि उनका दिमाग खराब हो गया है। जब बी एस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री थे और भाजपा सरकार सत्ता में थी, तब अनवर मणिपदी ने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुई अनियमितताओं के बारे में वक्फ पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।’’
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे के तौर पर मुझे अनवर मणिपदी के घर जाकर 150 करोड़ रुपये की पेशकश क्यों करनी चाहिए? वह भी कांग्रेस नेताओं को बचाने के लिए? क्या इसमें (आरोप में) कोई तर्क है?’’
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इस मुद्दे का इस्तेमाल विधानसभा के चालू सत्र के दौरान समय बर्बाद करने के लिए करना चाहती है तो यह ‘‘मूर्खता की पराकाष्ठा’’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों और घोटालों से घिरी सरकार समय बर्बाद करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अनवर मणिपदी का बयान नहीं देखा है। क्या (मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए) आरोपों का कोई मतलब है?’’
उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा में आरोप लगाए गए तो वह इसका जवाब देंगे।
मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए शनिवार को अपने बयान में कहा, ‘‘अनवर मणिपदी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि बी एस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री रहने के दौरान विजयेंद्र उनके घर आए थे और वक्फ संपत्ति अतिक्रमण रिपोर्ट के बारे में चुप रहने के लिए 150 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। अनवर ने कहा था कि विजयेंद्र को उन्होंने घर से बाहर भेज दिया और इस घटना की सूचना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष को दी।’’
कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में मणिपदी ने रिपोर्ट तैयार की थी और मार्च 2012 में तत्कालीन भाजपा सरकार को सौंपी थी। इसे 2020 में सदन में पेश किया गया, तब भी भाजपा सत्ता में थी।
इस बीच, मणिपदी ने मंगलुरु में पत्रकारों से कहा कि विजयेंद्र उनके घर नहीं आए और न ही उन्हें 150 करोड़ रुपए की कोई पेशकश की गई थी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि मणिपदी द्वारा विजयेंद्र पर आरोप लगाने का एक वीडियो फुटेज उपलब्ध है और मीडिया ने तब इसे कवर किया था।
भाषा सिम्मी