प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी 'विफलताओं' से देश का ध्यान भटकाने के लिए नेहरू का जिक्र किया: कांग्रेस
जोहेब धीरज
- 15 Dec 2024, 07:28 PM
- Updated: 07:28 PM
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करना और न्यूनतम लोकतांत्रिक शासन उनका मॉडल है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बस नेहरू के बारे में सोचते रहते हैं और अपनी विफलताओं व वर्तमान चुनौतियों से राष्ट्र का ध्यान भटकाने के लिए उनका हवाला देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी विफलताओं पर पूरी तरह चुप्पी साधे रहते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले ‘भारत के संविधान की 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा था।
कांग्रेस नेता ने पूछा कि प्रधानमंत्री नेहरू के बिना क्या करेंगे, जिनके बारे में वह हमेशा सोचते रहते हैं?
उन्होंने कहा, “अपनी विफलताओं से राष्ट्र का ध्यान भटकाने के लिए नेहरू जरूरी है। जिन वर्तमान चुनौतियों पर वह (मोदी) पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं, उनसे राष्ट्र का ध्यान भटकाने के लिए नेहरू आवश्यक हैं।”
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कल लोकसभा में संबोधन में, प्रधानमंत्री ने भारत के संविधान में पहले संशोधन को लेकर नेहरू पर हमला बोला, जो 18 जून, 1951 को हुआ था।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह संशोधन तीन कारणों से किया गया।
उन्होंने कहा, “पहला, सबसे संवेदनशील समय में सांप्रदायिकता दुष्प्रचार से निपटना। दूसरा, जमींदारी उन्मूलन कानूनों की रक्षा, जिन्हें अदालतें खारिज कर रही थीं। तीसरा, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी के लिए शिक्षा व रोजगार में आरक्षण की रक्षा, जिसे अदालतें नकार रही थीं।”
रमेश ने कहा कि नेहरू, राजगोपालचारी और आंबेडकर की सदस्यता वाली प्रवर समिति ने संशोधन विधेयक की विस्तार से समीक्षा की, नेहरू ने अपने आलोचकों की बात सुनी और अपना रुख बदला।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले तीन जुलाई, 1950 को सरदार पटेल ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता के बारे में नेहरू को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे लोगों के प्रति निराशा व्यक्त की थी। इस पत्र से पता चलता है कि सरदार पटेल यदि जीवित होते तो वे स्वयं प्रथम संशोधन का समर्थन करते।”
रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ग्रैनविले ऑस्टिन की पुस्तक वर्किंग ए डेमोक्रेटिक कॉन्स्टिट्यूशन में 1980 तक किए गए संशोधनों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया है। संपूर्ण राजनीति विज्ञान में एम.ए. करने वाले (मोदी) या उनके समर्थकों से यह उम्मीद करना बेमानी है कि वे इसे पढ़ेंगे?’’
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता के लालच में संविधान को बार-बार ‘लहूलुहान’ किया जबकि 2014 में आई उनकी सरकार की नीतियों और फैसलों का उद्देश्य संविधान की दृष्टि के अनुरूप भारत की ताकत और एकता को बढ़ावा देना है।
भाषा जोहेब