भाजपा के खिलाफ मतों को एकजुट करने के लिये माकपा जम्मू कश्मीर में चुनाव नहीं लड़ेगी : तारिगामी
रंजन रंजन अविनाश
- 02 Apr 2024, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
श्रीनगर, दो अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एम वाई तारिगामी ने मंगलवार को भाजपा पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी “अत्याचारियों” से छुटकारा दिलाने एवं मतों को एकजुट करने के लिये केंद्र शासित प्रदेश में लोकसभा सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी।
तारिगामी ने लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर ‘पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लरेशन’ (गुपकर) के घटकों के भीतर कथित कलह को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि यह कोई चुनावी गठबंधन नहीं है और हर घटक के अपने राजनीतिक हित हैं।
तारिगामी ने पीटीआई-वीडियो के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम सीधे (जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव) नहीं लड़ेंगे। आज के समय में हमारा राजनीतिक दृष्टिकोण भाजपा को हराना होगा, उन्हें सरकार बनाने से रोकना होगा। उन्होंने पहले ही जम्मू-कश्मीर को बहुत नुकसान पहुंचाया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अन्य राजनीतिक दलों से भी यह सुनिश्चित करने की अपील करते हैं कि मत विभाजित न हों। हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही तानाशाहों से छुटकारा पा लेंगे।’’
गुलाम नबी आजाद नीत डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी, अल्ताफ बुखारी की ‘अपनी पार्टी’ और सज्जाद लोन की अध्यक्षता वाली पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के एक साथ आने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर तारिगामी ने इस कदम पर सवाल उठाया और कहा, ‘‘हमें अपने लोगों के प्रति वफादार होना चाहिए था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे एक साथ मिलकर एक महागठबंधन बना रहे हैं। किसके खिलाफ। मैं इसका स्वागत करता अगर इस गठबंधन का उद्देश्य हमारे राज्य और हमारे भूमि अधिकारों जैसी लोगों की वास्तविक चिंताओं को उठाना होता। मौजूदा सरकार ने हमारे साथ जो किया है, वैसा कश्मीर के इतिहास में कभी नहीं हुआ है।
माकपा नेता ने कहा, ‘‘मतभेदों को एक तरफ रखते हुए, हमें कम से कम अपने लोगों के प्रति वफादार रहना चाहिए था। लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई होनी चाहिए थी।’’
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा दावे-प्रतिदावे में उलझा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान अपने दावे करता रहा है और हमारा देश भारत, अपने दावे कर रहा है। लोगों में बेचैनी है। विभिन्न सरकारें भी कश्मीर के लोगों के प्रति वफादार नहीं रही हैं।’’
तारिगामी ने कहा, ‘‘मौजूदा सरकार ने केंद्र और लोगों के बीच के समझौते की नींव को ध्वस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमें हमेशा हमारे संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है। उन्होंने (भाजपा) संविधान के अनुच्छेद 370 को भी समाप्त कर दिया।’’
भाषा रंजन रंजन