बीपीएससी परीक्षा के दौरान पेपर लीक की अफवाह, आयोग ने साजिश करार दिया, कार्रवाई का वादा किया
प्रीति रंजन
- 13 Dec 2024, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
पटना, 13 दिसंबर (भाषा) बिहार के एक परीक्षा केंद्र पर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की शुक्रवार को फैली अफवाह को आयोग ने साजिश करार देते हुए इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
राजधानी पटना के कुम्हरार स्थित बापू परीक्षा केंद्र पर बीपीएससी की 70वीं एकीकृत संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) 2024 का शुक्रवार को आयोजन किया गया था, लेकिन 300-400 अभ्यर्थियों ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए इसका बहिष्कार किया।
बापू परीक्षा केंद्र पर अतिरिक्त परीक्षा अधीक्षक राम इकबाल सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो जाने तथा एक महिला अभ्यर्थी के बेहोश हो जाने से वहां अराजकता की स्थिति पैदा हो गई।
बीपीएससी के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई ने बताया कि राज्य भर के 900 से अधिक केंद्रों पर शुक्रवार को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से परीक्षा का आयोजन किया गया और इसमें करीब पांच लाख अभ्यर्थी शामिल हुए।
परमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘बीपीएससी की 70वीं सीसीई प्रारंभिक परीक्षा दोपहर 12 बजे से दो बजे तक एक ही पाली में आयोजित की गई थी। राज्य भर के 912 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था और उनमें से 911 केंद्रों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से परीक्षा हुई।’’
उन्होंने बताया, ‘‘पटना के एक केंद्र पर कुछ अभ्यर्थियों ने निरीक्षकों से प्रश्नपत्र छीन लिए और वे यह चिल्लाते हुए परीक्षा हॉल से बाहर निकल गए कि प्रश्नपत्र लीक हो गया है। इन लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी क्योंकि ये किसी साजिश का हिस्सा प्रतीत होते हैं... हम उनकी पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं।’’
परमार ने बताया, ‘‘परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी तो फिर इन अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहों के बारे में कैसे पता चला? निश्चित रूप से यह कोई साजिश ही थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है... प्रश्नपत्र लीक होने की कोई बात नहीं है।’’
परीक्षा केंद्र पर हंगामे की खबर सुनकर पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह मौके पर पहुंचे।
परीक्षा केंद्र के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और समाचार चैनल पर एक वीडियो प्रसारित किया जाने लगा, जिसमें जिलाधिकारी एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए तथा पुलिसकर्मियों को उपद्रव मचा रहे सभी लोगों को घेरने का आदेश देते हुए नजर आ रहे हैं।
जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा, ‘‘कुम्हरार स्थित परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ अधिकारी प्राथमिकी दर्ज कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी बापू परीक्षा केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गए और उन्होंने यातायात अवरूद्ध कर दिया।’’
उन्होंने बताया, ‘‘बापू परीक्षा केंद्र के अतिरिक्त अधीक्षक राम इकबाल सिंह को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें ले जा रही एम्बुलेंस जाम में फंस गई। राम इकबाल सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी परीक्षा केंद्र पर एक महिला अभ्यर्थी भी बेहोश हो गई।’’
बापू परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शनकारियों में से एक को थप्पड़ मारने के आरोप का स्पष्टीकरण देते हुए जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘मेरा कभी भी किसी अभ्यर्थी को थप्पड़ मारने या चोट पहुंचाने का इरादा नहीं था।’’
सिंह ने बताया कि केंद्र पर एक-दो परीक्षा कक्षों में प्रश्न पुस्तिकाओं के वितरण में थोड़ी देरी हुई।
उन्होंने बताया, ‘‘प्रत्येक परीक्षा हॉल में 272 छात्रों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन इसके विपरीत एक हॉल में प्रश्न पत्र की संख्या कम थी। प्रश्न पत्र के सेट 192 थे। इसके कारण प्रश्न पत्र के वितरण में देरी हुई...इस पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई और निरीक्षकों से प्रश्न पत्र छीन लिए तथा आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक हो गया है।’’
जिलाधिकारी ने बताया कि इसके बाद करीब 300-400 छात्र परीक्षा हॉल से बाहर आ गए और आरोप लगाया कि पेपर लीक हो गया है। उन्होंने परीक्षा का बहिष्कार किया।
उन्होंने बताया, ‘‘इसी केंद्र के अन्य परीक्षा हॉल में बैठे शेष अभ्यर्थी परीक्षा देकर दोपहर दो बजे के बाद ही हॉल से बाहर निकल आए। जिला प्रशासन इस घटना पर उचित कार्रवाई के लिए बीपीएससी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।’’
छात्रों ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि प्रश्न पुस्तिका/ओएमआर शीट देरी से दी गयीं।
कुम्हरार केंद्र के बाहर एक छात्र ने सवाल किया, ‘‘जब 272 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी तो एक सेट में केवल 192 प्रश्नपत्र ही क्यों लाए गए?’’
इस बीच, बिहार पुलिस भी छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के उप महानिरीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा, ‘‘हम विवरण का पता लगा रहे हैं और घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं।’’
ग्रुप ए और बी के पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती करने के लिए बीपीएससी की संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा शुक्रवार को आयोजित की गई थी।
पिछले सप्ताह, बीपीएससी अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा के नियमों में कथित बदलाव के खिलाफ पटना में प्रदर्शन किया था और परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि बीपीएसी ने परीक्षा की प्रक्रिया में किसी भी तरह का बदलाव करने से इनकार कर दिया था।
भाषा प्रीति