अनगिनत बार संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली कांग्रेस के सदस्य इसकी प्रति लेकर घूम रहे: जद(यू)
सुरेश माधव
- 13 Dec 2024, 05:30 PM
- Updated: 05:30 PM
नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (भाषा) केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) ने शुक्रवार को कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल ने अपने शासन में अनगिनत बार संविधान की धज्जियां उड़ाई और अब वह हाथ में संविधान लेकर घूम रही है।
जद (यू) सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने ‘संविधान की 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर लोकसभा में चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि कांग्रेस की विभिन्न पूर्ववर्ती सरकारों ने न जाने कितनी बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग करते हुए भिन्न-भिन्न राज्यों में बेवजह राष्ट्रपति शासन लगाये।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष ने हमेशा रात के अंधेरे में संविधान की धज्जियां उड़ाई, संविधान को तार-तार किया, आधी रात को आपातकाल लगाया गया। और अब विडंबना देखिए, कांग्रेस के सदस्य हाथ में संविधान की प्रतियां लिये घूम रहे हैं।’’
उन्होंने बिहार में एक लोकतांत्रिक सरकार को गलत तरीके से बर्खास्त करने का एक वाकया सुनाते हुए कहा कि इसके लिए तड़के आहूत केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आनन-फानन में फैसला लिया गया तथा राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने संबंधी फैसले पर मॉस्को में बैठे राष्ट्रपति से फैक्स के जरिये मंजूरी ली गयी। उन्होंने कहा कि ऐसा करके बिहार की लोकतांत्रिक सरकार रातोंरात गिरा दी गयी, फिर भी कांग्रेस खुद को संविधान की रक्षक कहती फिर रही है।
उन्होंने कहा कि संविधान के असली रक्षक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, क्योंकि उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास’ को अपने शासन का मूल मंत्र माना है और बाबा साहेब आंबेडकर रचित संविधान का भी यही सार है।
उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों के परिणाम का हवाला देते हुए कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली (कांग्रेस) को जनता ने उसकी जगह दिखाकर अच्छी सीख दी है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता संविधान की धज्जियां उड़ाने वालों को पहचान चुकी है और यही वजह है कि जम्मू कश्मीर और महाराष्ट्र में कांग्रेस फिसड्डी हो चुकी है और अपना अस्तित्व खोती जा रही है।
सिंह ने कहा कि संविधान के दो पहलू हैं, पहला जहां समाज के सभी वर्गों को सामाजिक और आर्थिक प्रगति का रास्ता दिखाता है, वहीं दूसरा संविधान से छेड़छाड़ करने वालों से निपटने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराता है।
उन्होंने कांग्रेस के किसी भी सदस्य के सदन में उपस्थित न रहने पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल का एक भी सदस्य सदन में नहीं है, क्योंकि उसे (कांग्रेस को) संविधान से कोई लेनादेना नहीं है।
सिंह ने लोकसभा चुनावों में विपक्ष द्वारा गढ़े गये इस विमर्श पर भी विपक्ष को निशाना बनाया कि ‘मोदी आरक्षण समाप्त कर देंगे’। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा था कि जब तक मैं जिंदा हूं तब तक आरक्षण समाप्त नहीं होगा।’’
उन्होंने एक आधिकारिक दस्तावेज को उद्धृत करते हुए कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आरक्षण समाप्त करने के लिए प्रांतीय सरकारों को चिट्ठी लिखी थी।
उन्होंने जातीय जनगणना को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के दोहरे रवैये को उजागर करते हुए कहा कि वह (सिंह) ‘इंडिया’ गठबंधन की पहली बैठक में मौजूद थे और जब बात जातीय जनगणना पर प्रस्ताव पारित करने की आई तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव के मुंह पर टेप लग गया, जो इनके दोहरे चेहरे को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की कथनी और करनी में बहुत ही अंतर है।
सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संविधान के रक्षक हैं और जब तक वह हैं तब तक संविधान में कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता।
भाषा सुरेश