झामुमो के रवींद्रनाथ महतो निर्विरोध झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए
सुरभि नरेश
- 10 Dec 2024, 03:39 PM
- Updated: 03:39 PM
रांची, 10 दिसंबर (भाषा) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के रवींद्रनाथ महतो मंगलवार को निर्विरोध रूप से झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए।
विधानसभा के चार दिवसीय सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पद के लिए महतो के नाम का प्रस्ताव रखा और झामुमो विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
रवींद्रनाथ महतो पूर्व में पांचवी झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं।
वह निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए क्योंकि विपक्षी दलों ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया था।
लगातार दूसरी बार विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर सोरेन ने सत्तारूढ़ गढबंधन की ओर से महतो को बधाई दी।
सोरेन ने बधाई संदेश में कहा, ‘‘आपके नेतृत्व में हमने पांचवीं झारखंड विधानसभा का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया। सदन की गरिमा को मजबूत करने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें आशा और पूर्ण विश्वास है कि पिछले सत्रों की तरह हम राज्य के समग्र विकास के लिए लोकतंत्र के इस मंदिर में एकत्रित होंगे।’’
सोरेन ने विपक्षी दलों के सदस्यों से जनादेश का सम्मान करने और राज्य के विकास में रचनात्मक भूमिका निभाने का भी आग्रह किया।
हाल के विधानसभा चुनाव में रवींद्रनाथ महतो ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के माधवचंद्र महतो को 10,483 मतों के अंतर से हराकर झामुमो के टिकट पर नाला विधानसभा सीट बरकरार रखी।
झामुमो नेता महतो ने सोमवार को अन्य विधायकों के साथ झारखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
वरिष्ठ भाजपा नेता और धनवार से विधायक बाबूलाल मरांडी ने भी महतो को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे विपक्ष की बात सुनें क्योंकि वे सदन में वास्तविक मुद्दे और जानकारी लेकर आते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। विधायक अक्सर सदन में ज्वलंत मुद्दे उठाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें ज्यादा महत्व नहीं मिलता।’’
नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष ने हाल में हुए चुनावों में भाग लेने वाले मतदाताओं को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाएं और आकांक्षाएं बढ़ी हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदस्यों से चुनावी प्रतिस्पर्धा से पैदा हुई कड़वाहट को भूलने का आग्रह करता हूं। सभी विधायकों को एक नए झारखंड के निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए और राज्य को आगे ले जाना चाहिए।’’
महतो ने कहा कि छठी विधानसभा में ‘‘रचनात्मक और नये विचारों के साथ एक नया दृष्टिकोण और संकल्प’’ होना चाहिए।
बाद में उन्होंने बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 23 नवंबर को मतगणना के बाद लगातार दूसरी बार झारखंड में सत्ता हासिल की। इस गठबंधन ने 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीट हासिल कीं। भाजपा के नेतृत्व वाले विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 24 सीट हासिल कीं।
भाषा सुरभि