राज्यसभा उपचुनाव के लिए सुजीत कुमार ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया
सुरभि आशीष
- 09 Dec 2024, 04:05 PM
- Updated: 04:05 PM
भुवनेश्वर, नौ दिसंबर (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व सांसद सुजीत कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में ओडिशा से राज्यसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल किया।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने सोमवार को कुमार के नाम की औपचारिक घोषणा की।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कुमार ने नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल किए। कुमार के नामांकन पत्र में 30 विधायक प्रस्तावक बने हैं।
मुख्यमंत्री माझी नामांकन पत्रों के एक सेट में प्रस्तावक हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव ने नामांकन पत्रों के दूसरे सेट में प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोग पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्यसभा में सांसद के रूप में मेरे काम से अवगत हैं। हमारे नेताओं के सहयोग से मैं कालाहांडी जिले और राज्य के केबीके (कालाहांडी-बोलनगीर-कोरापुट) क्षेत्र के विकास के लिए काम करूंगा। इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।’’
कुमार ने कहा कि वह बुनियादी ढांचे, सड़क संचार, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
ओडिशा के संसदीय मामलों के मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि कुमार अब तक राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार हैं।
कुमार ने सितंबर में बीजद सांसद के तौर पर राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके द्वारा खाली की गई सीट रिक्त थी और निर्वाचन आयोग ने 26 नवंबर को ओडिशा की एक सीट सहित छह राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा की थी।
एक अधिसूचना में कहा गया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर है, जबकि आवश्यक होने पर मतदान 20 दिसंबर को होगा।
ओडिशा विधानसभा में भाजपा के संख्याबल को देखते हुए कुमार का संसद के ऊपरी सदन में चुना जाना तय है। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 78 विधायक हैं, जबकि बीजद के 51, कांग्रेस के 14, तीन निर्दलीय और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक सदस्य है।
संसदीय कार्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘चूंकि उपचुनाव केवल एक सीट के लिए होगा, इसलिए भाजपा उम्मीदवार ही विजयी होगा।’’
मयूरभंज जिले से कुडुमी समुदाय की वरिष्ठ नेता ममता मोहंता ने भी राज्यसभा और बीजद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद वह भाजपा सदस्य के रूप में निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुनी गईं।
राज्यसभा से बीजद के दो सदस्यों के इस्तीफे के साथ ही संसद के ऊपरी सदन में पार्टी के सदस्यों की संख्या घटकर सात रह गई है।
भाषा सुरभि