दिल्ली चुनावः टिकट को लेकर 'अनिश्चितता' के बीच आप में अवसर तलाश रहे भाजपा के कई नेता
शुभम रंजन पवनेश
- 07 Dec 2024, 10:39 PM
- Updated: 10:39 PM
नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) दिल्ली विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर 'अनिश्चितता' के चलते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधा दर्जन से अधिक नेता आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो चुके हैं, जबकि कई अन्य भी जल्द पाला बदल सकते हैं। भाजपा सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने हैं। भाजपा दिल्ली में 1998 से सत्ता से बाहर है। वर्ष 2015 से दिल्ली में आम आदमी पार्टी अपने दम पर सत्ता में काबिज है। भाजपा को वर्ष 2015 में तीन और 2020 में महज आठ सीटों पर संतोष करना पड़ा।
पिछले कुछ हफ्तों में भाजपा के छह नेता जो वर्ष 2020 के चुनावों में असफल रहे, आप में शामिल हुए और उनमें से तीन को अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। अन्य तीन नेताओं प्रवेश रतन, जितेंद्र सिंह शंटी और सुरिंद्र पाल सिंह बिट्टू को भी आप द्वारा टिकट दिये जाने की संभावना है।
रतन को पटेल नगर विधानसभा सीट पर आप प्रत्याशी राजकुमार आनंद ने 30 हजार मतों के अंतर से पराजित किया। आनंद आप सरकार में मंत्री रहे।
शंटी और बिट्टू को आप के कद्दावर नेता राम निवास गोयल व दिलीप पांडे के स्थान पर चुनाव मैदान में उतारे जाने की संभावना है। गोयल शाहदरा सीट जबकि पांडे तिमारपुर सीट से विधायक हैं।
बिट्टू इस सप्ताह की शुरुआत में आप में शामिल हुए।
इससे पहले ब्रह्म सिंह तंवर, बीबी त्यागी और अनिल झा सत्तारूढ आप में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें क्रमशः छतरपुर, लक्ष्मीनगर और किराड़ी सीट से उम्मीदवार बनाया है।
तंवर और झा 2020 के विधानसभा चुनाव में इन्हीं सीट पर बेहद कम अंतर से पराजित हुए थे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''भाजपा से मध्यम स्तर के पदाधिकारियों और नेताओं का जाना जारी रहेगा, क्योंकि बाहरी लोगों को प्राथमिकता दिए जाने और उम्मीदवारों की घोषणा में देरी जैसे कारकों के कारण टिकट मिलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।''
उन्होंने दावा कि यह प्रक्रिया जोर पकड़ सकती है क्योंकि आप सक्रियता के साथ भाजपा से अनुभवी संभावित उम्मीदवारों की तलाश कर रही है, जो सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे उसके मौजूदा विधायकों की जगह ले सकें।
भाजपा के एक अनुषांगिक संगठन के प्रभारी ने कहा. '' मैं भाजपा के साथ दो दशक से जुड़ा हुआ हूं। मैं पिछले दो चुनाव से विधानसभा टिकट मांग रहा हूं। मुझे यकीन नहीं है कि इस बार मेरे नाम पर विचार किया जा रहा है और यह मुझे मेरे भविष्य को लेकर निर्णय लेने के लिए बाध्य कर रहा है।''
पार्टी के एक पदाधिकारी ने इस बात पर अफसोस जताया कि हाल ही में कांग्रेस और आप से भाजपा में शामिल हुए कई प्रमुख नेताओं को टिकट की दौड़ में आगे माना जा रहा है।
दोनों दलों के एक दर्जन से ज्यादा नेता हैं जो अब भाजपा में हैं। कई चुनाव लड़ने का अनुभव रखने वाले ये पूर्व विधायक भाजपा के टिकट के आकांक्षी स्थानीय नेताओं की उम्मीदों पर तुषारापात करने में सक्षम हैं।
इन नेताओं में अरविंदर सिंह लवली, नसीब सिंह, तरविंदर मारवाह, नीरज बसोया और राज कुमार चौहान शामिल हैं। ये सभी पूर्व विधायक हैं जो हाल के महीनों में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। लवली दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और शहर सरकार में मंत्री रहे हैं।
भाजपा में शामिल आप नेताओं में पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत और आनंद तथा पूर्व विधायक करतार सिंह, मनोज कुमार और एनडी शर्मा शामिल हैं।
भाषा
शुभम रंजन