फडणवीस ने तीसरी बार थामी महाराष्ट्र की कमान; शिंदे, अजित ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ
आशीष नरेश
- 05 Dec 2024, 10:18 PM
- Updated: 10:18 PM
(फोटो सहित)
मुंबई, पांच दिसंबर (भाषा) सत्ता में दमदार वापसी करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार की शाम दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में एक भव्य समारोह में तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ‘महायुति’ गठबंधन के नेताओं एकनाथ शिंदे और अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी।
समारोह के तुरंत बाद, फडणवीस, शिंदे और पवार एक साथ दक्षिण मुंबई में स्थित राज्य सचिवालय मंत्रालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री ने नयी सरकार की पहली मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता की और संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा भाजपा नीत ‘महायुति’ के हजारों समर्थक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह समारोह 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के करीब दो सप्ताह बाद आजाद मैदान में आयोजित किया गया।
प्रमुख विपक्षी दलों के नेता इस समारोह से अनुपस्थित रहे। शपथ ग्रहण समारोह से पहले अजय गोगावले और अतुल गोगावले भाइयों की संगीतकार जोड़ी अजय-अतुल ने एक अद्भुत संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
इस अवसर पर किसी अन्य मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई। भाजपा के एक नेता ने बताया कि मंत्रिपरिषद का विस्तार अगले सप्ताह नागपुर में राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र से पहले किया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जे पी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में आए, जिनमें योगी आदित्यनाथ, नीतीश कुमार, हिमंत विश्व शर्मा, मोहन यादव और प्रमोद सावंत शामिल थे।
समारोह में अभिनेता शाहरुख खान, सलमान खान, रणबीर कपूर, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर तथा उद्योगपति मुकेश अंबानी भी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद, प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर देवेंद्र फडणवीस को बधाई। राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर एकनाथ शिंदे और अजित पवार को बधाई।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह टीम अनुभव और गतिशीलता का मिश्रण है और यह इस टीम के सामूहिक प्रयासों के कारण है कि महायुति को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक जनादेश मिला है। यह टीम राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। मैं महाराष्ट्र में विकास को आगे बढ़ाने में केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन देता हूं।’’
नागपुर दक्षिण पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित फडणवीस (54) को राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने शिंदे (60) और पवार (65) को भी पद की शपथ दिलाई।
फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि अजित पवार छठी बार उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। फडणवीस पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे।
फडणवीस ने कार्यभार संभालने के बाद पहली फाइल पर हस्ताक्षर करते हुए अस्थि मज्जा प्रतिरोपण की प्रतीक्षा कर रहे एक मरीज को पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
पुणे के निवासी चंद्रकांत कुरहाडे की पत्नी ने अपने पति के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता करने से पहले फाइल पर अपने हस्ताक्षर किए।
फडणवीस ने मंत्रालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी सरकार लोगों के कल्याण के लिए पारदर्शिता के साथ काम करेगी।’’ विधानसभा में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के सदस्यों की कम संख्या होने का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘‘हम बदले की राजनीति में शामिल नहीं होना चाहते।’’
फडणवीस ने राज्य में ‘‘राजनीतिक संस्कृति में आमूलचूल परिवर्तन’’ का भी आह्वान किया। उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के लिए शरद पवार और उद्धव ठाकरे जैसे प्रमुख वरिष्ठ नेताओं को दिए गए निमंत्रण का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक संवाद होना चाहिए।
उद्धव और शरद इस समारोह में शामिल नहीं हुए।
फडणवीस 2019 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।
बाद में एक अलग प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैंने एक आम आदमी की तरह काम किया और आगे भी करता रहूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उपमुख्यमंत्री के तौर पर मैं आम आदमी के लिए समर्पित होकर काम करूंगा।’’
राज्य मंत्रिमंडल ने शाम को हुई अपनी पहली बैठक में राज्यपाल से सिफारिश की कि नये विधायकों को शपथ दिलाने के लिए विधानसभा सत्र सात से नौ दिसंबर तक आयोजित किया जाए तथा सत्र के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जाए।
फडणवीस के तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पूर्व उनकी बैंकर और गायिका पत्नी अमृता ने इसे ‘‘खूबसूरत दिन’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह खुशी का अवसर है और जिम्मेदारी का एहसास बढ़ गया है।’’
महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में भाजपा के 132 सीट जीतने के साथ ही फडणवीस मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार बनकर उभरे थे। ‘महायुति’ के घटक दलों-भाजपा, शिवसेना और राकांपा के पास विधानसभा में कुल मिलाकर 230 सीट हैं।
फडणवीस को सर्वसम्मति से राज्य भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद ‘महायुति’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की।
इससे पहले फडणवीस 2014 से 2019 तक भाजपा-शिवसेना सरकार का नेतृत्व कर चुके हैं। 2019 के चुनावों के बाद, जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा से नाता तोड़ लिया था तो फडणवीस ने फिर से शपथ ली और अजित पवार उपमुख्यमंत्री बनाए गए।
हालांकि, राकांपा विधायकों से पर्याप्त समर्थन हासिल करने में अजित पवार की विफलता के कारण वह सरकार केवल 72 घंटे ही चल पाई थी।
भाषा आशीष