ईडी के नाम पर छापेमारी कर जौहरी के यहां से 22.25 लाख रुपये और आभूषण चुराने वाले 12 लोग गिरफ्तार
अमित पवनेश
- 05 Dec 2024, 07:06 PM
- Updated: 07:06 PM
भुज (गुजरात), पांच दिसंबर (भाषा) गुजरात के गांधीधाम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर छापेमारी करने के आरोप में 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस फर्जी छापेमारी के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर 22.25 लाख रुपये की नकदी और आभूषण चुरा लिये थे। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को दी।
पूर्वी कच्छ पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह घटना दो दिसंबर को एक जौहरी के परिसर में हुई थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपियों ने इस फर्जी छापेमारी के दौरान 22.25 लाख रुपये की नकदी और आभूषण चुरा लिये थे। व्यवसायी द्वारा पुलिस से संपर्क करने के बाद, कई दलों का गठन किया गया था, जिसके बाद भरत मोरवाडिया, देवायत खाचर, अब्दुलसत्तार मंजोथी, हितेश ठक्कर, विनोद चूड़ासमा, यूजीन डेविड, आशीष मिश्रा, चंद्रराज नायर, अजय देबे, अमित मेहता, उसकी पत्नी निशा मेहता और शैलेंद्र देसाई को गिरफ्तार किया गया।"
विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘22.27 लाख रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं, जबकि तीन कार जब्त की गई हैं। साजिश में शामिल रहे विपिन शर्मा को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। गांधीधाम निवासी मोरवाडिया ही राधिका ज्वैलर्स पर इस तरह की छापेमारी का विचार लेकर आया था। उसने अपने सहयोगी खाचर को बताया कि आयकर विभाग ने करीब छह साल पहले इस जौहरी पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण जब्त किए थे।"
इसमें कहा गया है कि मोरवाडिया ने खाचर को बताया कि राधिका ज्वैलर्स के मालिकों के पास अभी भी 100 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसके बाद खाचर ने इसमें मंजोथी, हितेश ठक्कर और विनोद चूडासमा को शामिल किया।
विज्ञप्ति में कहा गया है, "वे 15 दिन पहले आदिपुर कस्बे में एक चाय की दुकान पर मिले थे और ईडी अधिकारी बनकर कंपनी पर छापा मारने की साजिश रची थी। इसके बाद चूड़ासमा ने मिश्रा से मदद मांगी, जिसने अहमदाबाद निवासी नायर, अमित, निशा, विपिन शर्मा और शैलेंद्र देसाई को शामिल किया, जो अहमदाबाद में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में एक अनुवादक के रूप में काम करता है।"
अधिकारी ने कहा, "इसके बाद देसाई ने अंकित तिवारी नामक ईडी अधिकारी का फर्जी पहचान पत्र तैयार किया। देसाई, मिश्रा, नायर, दुबे, अमित मेहता, निशा मेहता और विपिन शर्मा की छापेमारी टीम 2 दिसंबर को जौहरी के शोरूम और घर पहुंची। फर्जी छापेमारी के दौरान निशा मेहता ने 25.25 लाख रुपये की नकदी और आभूषण चुरा लिये।’’
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