पंजाब पुलिस के एक सतर्क एएसआई ने सुखबीर बादल की हत्या की कोशिश को विफल कर दिया
राजकुमार देवेंद्र
- 04 Dec 2024, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
(तस्वीरों के साथ)
चंडीगढ़, चार दिसंबर (भाषा) पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता सुखबीर सिंह बादल पर बुधवार को जानलेवा हमले का प्रयास किया गया लेकिन पंजाब पुलिस के एक सतर्क सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की त्वरित कार्रवाई से वह बाल-बाल बच गए।
स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर सादे कपड़ों में बादल के बिल्कुल करीब खड़े एएसआई जसबीर सिंह को जैसे ही अकाली दल नेता बादल की जान पर खतरे का अहसास हुआ, वह तुरंत हरकत में आ गये।
टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो में नजर आ रहा है कि पूर्व आतंकवादी नारायण सिंह चौरा व्हीलचेयर पर बैठे सुखबीर सिंह बादल की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और उसने अचानक अपनी जेब से पिस्तौल निकाल ली। पैर में ‘फ्रैक्चर (हड्डी टूटने)’ के कारण बादल व्हीलचेयर पर बैठे थे।
चौरा ने जैसे ही ट्रिगर दबाने की कोशिश की, चौकन्ने सिंह ने उस पर हमला किया, उसके हाथ पकड़े और उसे धकेलकर दूर ले गये। इस हाथापाई में बंदूक चल गई लेकिन सौभाग्य से गोली सुखबीर बादल के पीछे स्थित इस धर्मस्थल की दीवार पर लगी और वह बाल-बाल बच गए।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के कार्यबल के सदस्यों के साथ मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और चौरा से हथियार छीन लिया।
एएसआई सिंह ने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा कि वह बस अपना कर्तव्य निभा रहे थे।
सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें वरिष्ठ पुलिसकर्मियों ने सतर्क रहने तथा सभी संभावित गलत तत्वों पर नजर रखने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘जब वह (चौरा) आया, तब मैं सतर्क था। जैसे ही उसने अपनी पिस्तौल निकाली, हमने उसे पकड़ लिया एवं हथियार छीन लिया।’’
पंजाब में शिअद सरकार द्वारा 2007 से 2017 तक की गई ‘‘गलतियों’’ के लिए स्वर्ण मंदिर में ‘सेवादार’ के रूप में बादल की सजा का यह दूसरा दिन था, जिसे ‘कवर’ करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के कैमरे में इस हमले का पूरा दृश्य ‘रिकॉर्ड’ हो गया। यह हमला सुबह लगभग साढ़े नौ बजे हुआ।
इस बीच, अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने सुखबीर बादल पर हुए जानलेवा हमले को विफल करने को लेकर पुलिसकर्मियों की तारीफ की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी हमलावर को पकड़ने में पंजाब पुलिस की तत्परता की प्रशंसा की।
विशेष पुलिस महानिदेशक अर्पित शुक्ला ने बताया कि एक सहायक पुलिस महानिरीक्षक, दो पुलिस अधीक्षक, दो पुलिस उपाधीक्षक और 175 पुलिसकर्मी स्वर्णमंदिर में तैनात किये गये हैं।
हालांकि, शिअद के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की आलोचना की।
मजीठिया ने अमृतसर में कहा, ‘‘मैंने एक वीडिया साझा किया है जो दर्शाता है कि आरोपी कल से ही इलाके में था।’’
उन्होंने कहा कि चौरा पर कई मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई गंभीर हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कल उसने क्रीम रंग का स्वेटर पहना हुआ था। अगर पुलिस इतनी सतर्क थी तो उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया? इसके बजाय, पुलिस ने उसकी वीआईपी की तरह आवभगत की और शायद वह गोली चलने का इंतजार कर रही थी।’’
एएसआई सिंह के बारे में मजीठिया ने कहा कि वह 2002 से ही बादल की सुरक्षा के तौर पर उनके साथ जुड़े हुए हैं तथा परिवार के सदस्य की तरह हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने न केवल सुखबीर जी की बल्कि श्रद्धालुओं की भी जान बचायी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब उन पर यह कहने के लिए दबाव डाला जा रहा है कि पंजाब पुलिस सतर्क थी..। मेरा सवाल यह है कि जब नौ एमएम अर्धस्वचालित हथियार लेकर वह व्यक्ति खुलेआम इलाके में घूम रहा था, तब जिला पुलिस कहां थी। खुफिया जानकारी कहां थी?''
उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और ‘आप’ सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
भाषा
राजकुमार