बॉयलर विधेयक को सत्ता पक्ष ने समय की मांग बताया, विपक्ष ने कहा : पर्यावरण पर ध्यान नहीं दिया गया
मनीषा अविनाश
- 04 Dec 2024, 05:18 PM
- Updated: 05:18 PM
नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) भारत की प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता की गूंज पूरी दुनिया में होने का दावा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कहा कि बदलते समय के साथ बॉयलर संबंधी गतिविधियों में कड़ी सुरक्षा जोखिम से निपटने की जरूरत है। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस विधेयक में पर्यावरण की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया है।
बॉयलर विधेयक, 2024 में राज्यसभा में हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के बाबूराम निषाद ने कहा कि व्यापार करने में आसानी (ईओडीबी) के लिए, विधेयक एमएसएमई क्षेत्र सहित बॉयलर उपयोगकर्ताओं को लाभान्वित करेगा, क्योंकि विधेयक में गैर-अपराधीकरण से संबंधित प्रावधानों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि बॉयलर और बॉयलर का काम-काज करने वाले कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सात अपराधों में से, चार प्रमुख अपराधों में, जिनके परिणामस्वरूप जान और संपत्ति का नुकसान हो सकता है, आपराधिक दंड बरकरार रखा गया है।
राकांपा-एसएसपी सदस्य फौजिया खान ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि विधेयक में पर्यावरण की सुरक्षा और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी की भी बात नहीं है।
खान ने कहा कि अभी हाल ही में भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल पूरे हुए हैं और ऐसे में हम सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए और नियमित जांच पर जोर देना चाहिए।
भाजपा के डॉ अजीत माधवराव गोपछड़े ने कहा कि बॉयलर उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा की नियमित जांच करना जरूरी है ताकि इस उद्योग में काम करने वालों को खतरों से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक सुरक्षा को बढ़ाएगा, क्योंकि विधेयक में बॉयलर के अंदर काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बॉयलर की मरम्मत योग्य और सक्षम व्यक्तियों द्वारा किए जाने के विशिष्ट प्रावधान किए गए हैं।
भाजपा की ही सीमा द्विवेदी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह विधेयक गुलामी की निशानी मिटाने और औपनिवेशिक कानून को हटाने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से व्यापार में आसानी होगी वहीं ऊर्जा की खपत में भी कमी आएगी और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
भाजपा के ही दिनेश शर्मा ने कहा कि यह विधेयक 1923 के मूल कानून की विसंगतियों को दूर करता है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में दंड के प्रावधानों को सरलीकृत किया गया है और राज्यों को भी अधिकार दिए गए हैं।
अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबीदुरै ने कहा कि विधेयक में राज्यों को भी अधिकार देने की बात की गयी है लेकिन केंद्र को ध्यान रखना चाहिए कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं मिले।
भाजपा के दीपक प्रकाश ने कहा कि मूल बॉयलर कानून 100 साल पुराना हो गया है और इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि ‘‘युग नया है, प्रौद्योगिकी नयी है, उद्यमी नए हैं, दृष्टि नयी है, लेकिन कानून पुराना है...।’’
भाजपा के नरेश बंसल, शंभू शरण पटेल, सामिक भट्टाचार्य और भाकपा सदस्य पीपी सुनीर ने भी चर्चा में भाग लिया।
भाषा मनीषा अविनाश