केजरीवाल ने दिल्ली में ‘तिहरे हत्याकांड’ को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की
यासिर नरेश
- 04 Dec 2024, 04:51 PM
- Updated: 04:51 PM
नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक परिवार के तीन सदस्यों के मृत पाए जाने की घटना के बाद केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला किया।
इस घटना को ‘अत्यंत दर्दनाक और भयावह’ बताते हुए आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक ने केंद्र पर अपराधियों को खुली छूट देने और राजधानी में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, ‘‘नेब सराय के एक ही घर में तीन हत्याएं... ये बेहद दर्दनाक और डरावना है। हर रोज दिल्लीवासियों की सुबह ऐसी डरावनी खबरों के साथ हो रही है। अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है, कानून और व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। घर के घर बर्बाद हो रहे हैं, मासूम जिंदगियां जा रही हैं और जिनकी जिम्मेदारी हैं वो लोग ये सब होते देख रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या केंद्र सरकार ऐसे ही चुप्पी साध के दिल्ली की कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ते हुए देखती रहेगी? क्या उनकी पार्टी अब भी कहेगी कि दिल्ली में अपराध कोई मुद्दा नहीं है?’’
दिल्ली पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भी भाजपा पर तीखा हमला किया और उस पर लोगों को सुरक्षा प्रदान करने की अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह नेब सराय में तिहरा हत्याकांड हुआ। दिल्ली में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, गोलियां चल रही हैं, खुलेआम मादक पदार्थ बिक रहे हैं। यहां केंद्र सरकार की एक ही जिम्मेदारी है - दिल्ली के लोगों को सुरक्षा प्रदान करना। वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।’’
राजेश (55), उनकी पत्नी कोमल (47) और उनकी बेटी कविता (23) की बुधवार को नेब सराय स्थित उनके घर में कथित तौर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, शवों को दंपति के बेटे अर्जुन ने सुबह की सैर से लौटने पर देखा।
पुलिस घटना की जांच कर रही है।
आप ने हाल ही में केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं और दिल्ली में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यहां की कानून-व्यवस्था की स्थिति की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
एक के बाद एक हो रही हिंसक घटनाओं को पार्टी सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े एक प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में पेश कर रही है और राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के मामले में केंद्र के रवैये को चुनौती दे रही है।
भाषा यासिर